गांव स्वस्थ होगा तो जिला, प्रदेश और देश भी स्वस्थ व खुशहाल होगा-गुरु प्रसाद मौर्य
त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। प्रयागराज में दो दिवसीय जनपद स्तरीय मिलेट्स महोत्सव का हुआ शुभारंभ। जिला पंचायत सभागार में बुधवार को जनपद स्तरीय दो दिवसीय मिलेट्स महोत्सव का शुभारंभ फाफामऊ के विधायक गुरु प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में हुआ। मुख्य अतिथि विधायक ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उप कृषि निदेशक प्रयागराज ने पुष्पगुच्छ देकर विधायक सहित पूर्व कृषि निदेशक का स्वागत किया।
कार्यक्रम में संयुक्त कृषि निदेशक प्रयागराज मण्डल, उप कृषि निदेशक, प्रसार निदेशक शुआट्स, डी.डी.एम. नाबार्ड, कृषि वैज्ञानिक, कृषि अधिकारी, कृषि सखी तथा बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। संचालन प्रीति त्रिपाठी ने किया। उप कृषि निदेशक प्रयागराज ने किसानों से श्री अन्न (मिलेट्स) को अपनी जीवनशैली में शामिल करने की अपील की। उन्होंने सोलर पम्प, पीएम किसान, फार्मर रजिस्ट्री, मिनीकिट वितरण एवं बीज गोदाम पर पंजीकरण की जानकारी देते हुए कहा कि किसान स्वस्थ होंगे तो राष्ट्र स्वस्थ होगा।
पूर्व कृषि निदेशक डॉ. एस.आर. कौशल ने किसानों को जैविक खेती और PGS पंजीकरण से बेहतर मूल्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। श्री अन्न के पोषण लाभ, औषधीय महत्व एवं वर्तमान योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। संयुक्त कृषि निदेशक संतोष कुमार राय ने बताया कि विधानमंडल सत्र में प्रतिदिन मिलेट्स व्यंजन परोसे जाते हैं। उन्होंने कहा कि हर किसान अपने परिवार के लिए कम से कम एक फसल चक्र में मिलेट्स अवश्य उगाएं।
विधायक गुरु प्रसाद मौर्य ने किसानों से आग्रह किया कि वे 10 बिस्वा में मिलेट्स की खेती कर अपने परिवार के लिए स्वास्थ्यप्रद अन्न उत्पादन सुनिश्चित करें। इस अवसर पर उन्होंने कृषि विभाग द्वारा वितरित किए जा रहे निःशुल्क मिलेट्स बीज का वितरण भी किया। उन्होंने कहा-गांव स्वस्थ होगा तो जिला, प्रदेश और देश भी स्वस्थ व खुशहाल होगा। साथ ही किसानों को “मां के नाम पर एक पेड़” लगाने की सलाह दी।
डॉ. मदनसेन सिंह ने कम लागत, कम पानी और कम उर्वरक में मिलेट्स उत्पादन की तकनीक बताई।
डॉ. मनीष केसरवानी ने श्री अन्न के स्वास्थ्य लाभों पर चर्चा करते हुए इसे दैनिक भोजन में शामिल करने का आह्वान किया।
डॉ. एम.पी. सिंह ने बताया कि मिलेट्स के महत्व को देखते हुए वर्ष 2018 को राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष और 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया गया।
डॉ. शिशिर कुमार ने बदलती जलवायु में मिलेट्स को सबसे लाभकारी बताया।
डॉ. प्रवीण चरन (प्रसार निदेशक, शुआट्स) ने समन्वित खेती, मछली, मुर्गी, मधुमक्खी पालन व बागवानी के माध्यम से आय बढ़ाने के सुझाव दिए।
डी.डी.एम. नाबार्ड ने किसानों को बैंक से जुड़कर कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, एग्रीक्लीनिक, एग्रीबिजनेस सेंटर, पीएम–SME सहित कई योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में उप कृषि निदेशक प्रयागराज ने विधायक, अधिकारियों, मीडिया तथा किसानों को धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम की औपचारिक समाप्ति की घोषणा की।










