मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा की रिपोर्ट
रामपुर। स्व० चौधरी चरण सिंह जी, भूतपूर्व प्रधानमंत्री के जन्म दिवस के अवसर पर किसान सम्मान दिवस के उपलक्ष्य में कृषि विज्ञान केन्द्र, धमोरा में किसान मेला, कृषि प्रदर्शनी एवं #Millets रेसीपी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक चेयरमेन एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ प्रगतिशील किसानों अमरजीत सिंह, अरूण कुमार, शांतु विश्वास, हरदीप सिंह एवं राजेन्द्र शर्मा को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर किसान सम्मान दिवस में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण भी किया गया
आज देश में स्व० चौधरी चरण सिंह जी का जन्म दिवस मनाया जा रहा है। किसानों की भलाई एवं हितों की रक्षा के लिए अनेक ऐतिहासिक एवं सराहनीय कार्य किए तथा कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
स्व० चौधरी चरण सिंह जी उत्तर प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रहे तथा वर्ष 1979 में भारत के पाँचवें प्रधानमंत्री बने। कृषि एवं कृषकों के लिए ऐतिहासिक योगदान दिया और उन्हें देश में भूमि सुधार का अग्रदूत माना जाता है। नाबार्ड की स्थापना की नींव रखने के साथ उन्होंने किसानों को सस्ते ऋण एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त किया।
आज 23 दिसम्बर को किसान दिवस मनाना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके विचारों और मूल्यों को स्मरण करने का अवसर है “जब तक किसान गरीब है, देश अमीर नहीं हो सकता।” जमींदारी उन्मूलन अभियान एवं मंडी अधिनियम की स्थापना में भी उनका विशेष योगदान रहा।
प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की महत्त्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र कृषकों को प्रतिवर्ष रूपये 6000 की सहायता दी जाती है। योजना की 21 किस्तों के माध्यम से जनपद के कृषकों के बैंक खातों में कुल रूपये 994.77 करोड़ की धनराशि प्रेषित की जा चुकी है।
फार्मर रजिस्ट्री योजना में जनपद प्रदेश स्तर पर पाँचवें स्थान पर है तथा सभी कृषकों के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है
कुसुम योजना (सोलर फोटोवोल्टाइक सिंचाई पंप) के अंतर्गत जनपद में 02, 03, 05, 7.5 एवं 10 एचपी क्षमता के कुल 2407 सोलर पंप 60 प्रतिशत अनुदान पर स्थापित किए गए हैं। कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत लगभग रूपेय 150 करोड़ की अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से किसानों को प्रदान की गई है।
फसल अवशेष प्रबंधन में जनपद प्रथम स्थान पर है। साथ ही प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, बीज अनुदान योजना एवं उर्वरक व्यवस्था जैसी योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है, जिससे किसानों को निरंतर लाभ मिल रहा है।










