फास्ट फूड फैशन नहीं, बीमारी की जड़ है… डॉ राजीव सिंह।

फास्ट फूड फैशन नहीं, बीमारी की जड़ है... डॉ राजीव सिंह।

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फास्ट फूड बना जानलेवा,स्कूल जाने वाली किशोरी में खून की भारी कमी,डॉ राजीव सिंह ने की अपील,न खाएं फास्ट फूड

 

आज स्वाद की लत, कल अस्पताल की जरूरत बन सकती है… डॉ राजीव सिंह

 

प्रयागराज। फास्ट फूड फैशन नहीं, बीमारी की जड़ है… डॉ राजीव सिंह। लगातार फास्ट फूड के सेवन से बच्चों और किशोरियों में गंभीर बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसा ही एक गंभीर मामला हाल ही में सामने आया है, जहाँ स्कूल जाने वाली एक किशोरी की हालत अत्यंत चिंताजनक हो गई। पीड़िता रोज़ाना स्कूल के समय एवं बाहर चाऊमीन, पिज़्ज़ा, बर्गर, आलू टिकिया और फुल्की जैसे फास्ट फूड का लगातार सेवन कर रही थी। धीरे-धीरे उसे पेट में दर्द, कमज़ोरी, चक्कर आना जैसी समस्याएँ शुरू हुईं। कुछ दिनों बाद वह चक्कर खाकर गिर गई, तथा उसके चेहरे पर सूजन भी आ गई।

जब परिजनों द्वारा अस्पताल में जाँच कराई गई, तो रिपोर्ट में सामने आया कि उसके शरीर में हीमोग्लोबिन मात्र 3 ग्राम प्रति डेसीलीटर रह गया है, जो कि जीवन के लिए अत्यंत खतरनाक स्थिति मानी जाती है। डॉक्टरों के अनुसार अब उसकी जान बचाने के लिए खून चढ़ाना अनिवार्य हो गया है। नारायण स्वरूप हॉस्पिटल के निदेशक एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजीव सिंह ने इस मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा फास्ट फूड में न तो आयरन होता है, न प्रोटीन, न ही शरीर को बनाने वाले जरूरी पोषक तत्व। लगातार जंक फूड खाने से बच्चों में एनीमिया (खून की कमी), पेट की बीमारी, कमजोरी, हार्मोन असंतुलन और रोग प्रतिरोधक क्षमता में भारी गिरावट आती है। डॉ राजीव सिंह ने बताया आज के बच्चे स्वाद के नाम पर स्लो ज़हर खा रहे हैं। माता-पिता अगर समय रहते नहीं चेते, तो यही फास्ट फूड आगे चलकर अस्पताल और खून की बोतल तक ले जाता है।

उन्होंने कहा कि फास्ट फूड फैशन नहीं, बीमारी की जड़ है।आज स्वाद की लत, कल अस्पताल की जरूरत बन सकती है।नारायण स्वरूप हॉस्पिटल द्वारा क्षेत्रवासियों से अपील की गई है कि बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और सही समय पर सही खान-पान अपनाकर इस तरह की गंभीर स्थितियों से बचें।

फास्ट फूड से होने वाले प्रमुख नुकसान (डॉ. राजीव सिंह के अनुसार)

1)गंभीर खून की कमी (एनीमिया)
2)पेट दर्द, गैस, एसिडिटी, आंतों की सूजन
3)चक्कर आना, बेहोशी
4)चेहरे व शरीर में सूजन
5)पढ़ाई में ध्यान की कमी
6)इम्युनिटी कमजोर होना
7)भविष्य में हार्ट, लिवर और हार्मोन संबंधी बीमारियाँ

 

बचाव के उपाय (जनहित में अपील)

डॉ. राजीव सिंह ने माता-पिता और स्कूल प्रबंधन से अपील करते हुए कहा बच्चों को घर का ताजा भोजन दें। हरी सब्ज़ियाँ, दाल, फल, दूध, गुड़, चना, पालक, चुकंदर शामिल करें। स्कूल जाते समय टिफिन अनिवार्य भेजें। फुल्की, चाऊमीन, पिज़्ज़ा को आदत न बनने दें।कमजोरी, चक्कर या पेट दर्द को हल्के में न लें। समय-समय पर खून की जाँच कराएँ।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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