आरपीएफ की ‘मेरी सहेली’ टीम ने डॉक्टर की देखरेख में मदद की
धर्मेंद्र प्रजापति की रिपोर्ट
चंदौली। डीडीयू स्टेशन पर महिला यात्री का हुआ सुरक्षित प्रसव। डीडीयू (पंडित दीनदयाल उपाध्याय) स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की ‘मेरी सहेली’ टीम ने एक महिला यात्री का सुरक्षित प्रसव कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह घटना 12 जनवरी को प्लेटफार्म नंबर 2 पर हुई, जहां प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को तत्काल सहायता प्रदान की गई। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ बताए गए हैं।
‘ऑपरेशन मातृ शक्ति’ के तहत, 12 जनवरी को लगभग 04:10 बजे, आरपीएफ पोस्ट डीडीयू के उप निरीक्षक अर्चना कुमारी मीना, उप निरीक्षक अश्वनी कुमार, सहायक उप निरीक्षक पी. एन. राय और सहायक उप निरीक्षक श्याम सुंदर सिंह यादव गश्त पर थे। इसी दौरान एक यात्री ने सूचना दी कि प्लेटफार्म नंबर 2 पर एक महिला यात्री को प्रसव पीड़ा हो रही है।

सूचना मिलते ही उप निरीक्षक अर्चना मीणा अपनी ‘मेरी सहेली’ टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचीं। मंडल रेल अस्पताल डीडीयू के डॉक्टर को भी सूचित कर बुलाया गया। अस्पताल ले जाने से पहले ही, डीडीयू स्टेशन के प्लेटफार्म पर चारों तरफ से चादरों से घेराबंदी कर रेलवे डॉक्टर सईयक सिकधर की देखरेख में आरपीएफ की टीम ने सुरक्षित प्रसव कराया।
प्रसव कराने वाली महिला यात्री की पहचान आरती (लगभग 25 वर्ष) के रूप में हुई है, जो फंटूस की पत्नी और बिहार के नवादा जिले के नयासुगमा, थाना इकोना की निवासी हैं। उनके पति ने बताया कि वे गाड़ी संख्या 12304 के सामान्य कोच में अलीगढ़ से यात्रा कर रहे थे। प्रसव पीड़ा के कारण वे डीडीयू स्टेशन पर उतरे और मदद की गुहार लगाई।

सुरक्षित प्रसव के बाद, महिला यात्री और उनके पति के अनुरोध पर, उन्हें गाड़ी संख्या 12380 डीएन के सामान्य कोच में गया के लिए सुरक्षित बैठाया गया। आरपीएफ की ‘मेरी सहेली’ टीम द्वारा पिछले चार दिनों में डीडीयू स्टेशन प्लेटफार्म पर यह तीसरा सुरक्षित प्रसव कराने में सहयोग किया गया है, जिसकी आम जनता द्वारा खूब प्रशंसा की जा रही है।
इस प्रकार के कार्यों से आरपीएफ की ‘मेरी सहेली’ टीम के साथ-साथ पूरे आरपीएफ बल की सराहना हो रही है। आरपीएफ अपने अनुकरणीय वाक्य “सेवा ही संकल्प” के साथ अपने कर्तव्यों के प्रति सदैव सजग रहता है।










