धर्मेंद्र प्रजापति की रिपोर्ट
चंदौली। आरपीएफ डीडीयू द्वारा 06 बाल मजदूरों का रेस्क्यू, 01 तस्कर गिरफ्तार, ऑपरेशन आहट के तहत बड़ी कार्रवाई। ऑपरेशन आहट के अंतर्गत आरपीएफ डीडीयू पोस्ट के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में बचपन बचाओ आंदोलन, चाइल्ड हेल्प डेस्क एवं सीआईबी टीम के सहयोग से एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई। मुखबिर की सूचना पर डीडीयू रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 3/4 पर चेकिंग के दौरान 04 नाबालिग बच्चियां एवं 02 नाबालिग बच्चे डरे-सहमे अवस्था में पाए गए। उनके साथ मौजूद एक व्यक्ति की गतिविधियाँ संदिग्ध प्रतीत होने पर सभी से पूछताछ की गई।
प्राथमिक जांच में पाया गया कि सभी बच्चे नाबालिग हैं तथा उन्हें बाल मजदूरी के उद्देश्य से गुजरात के राजकोट ले जाया जा रहा था। बच्चों ने बताया कि आरोपी व्यक्ति कृष्णा कुमार चौधरी (उम्र 22 वर्ष) निवासी नवागढ़, थाना लातेहार, जिला लातेहार (झारखंड) उन्हें आइसक्रीम फैक्ट्री में 12 घंटे काम के बदले ₹13,000 प्रतिमाह देने का लालच देकर ले जा रहा था।
आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने बच्चों के माता-पिता को प्रति बच्चा ₹1,000 से ₹1,500 रुपये देकर तथा अपने खर्चे पर टिकट, खाना-पानी की व्यवस्था कर बच्चों को बाल मजदूरी के लिए ले जा रहा था। परिजनों से समन्वय करने पर यह भी स्पष्ट हुआ कि उन्हें कार्यस्थल की कोई जानकारी नहीं थी।
मामला बाल मजदूरी से संबंधित पाए जाने पर आरोपी को आरपीएफ हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई हेतु कोतवाली मुगलसराय को सुपुर्द किया गया। सभी रेस्क्यू किए गए नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रूप से चाइल्ड हेल्प डेस्क के हवाले किया गया।
इस अभियान में आरपीएफ के उप निरीक्षक सरिता गुर्जर, सहायक उप निरीक्षक गौतम कुमार सिंह, आरक्षी अशोक यादव, सीआईबी से नागेंद्र सिंह, अवधेश प्रताप पांडेय, बचपन बचाओ आंदोलन से चंदा गुप्ता, तथा चाइल्ड हेल्प डेस्क से सुजीत कुमार सहित अन्य कर्मी शामिल रहे।










