त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। नाट्य प्रतियोगिता में ‘कैकेयी वरदान प्रसंग’ का मार्मिक मंचन, दर्शक हुए भावविभोर। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बुधवार को आयोजित नाट्य प्रतियोगिता के अंतर्गत मुक्ताकाशी मंच पर ‘कैकेयी वरदान प्रसंग’ का अत्यंत भावपूर्ण मंचन प्रस्तुत किया गया। नाटक का निर्देशन कुवंर करन सिंह ने किया।

मंचन में रामायण के उस निर्णायक प्रसंग को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जब रानी कैकेयी अपने पूर्व में प्राप्त वरदानों की आड़ में भरत को अयोध्या का राजा बनाए जाने और भगवान राम को चौदह वर्षों के कठिन वनवास पर भेजने का हठ करती हैं। राम के वनवास का स्मरण मात्र होते ही राजा दशरथ व्यथित होकर विचलित हो उठते हैं। रानी कैकेयी के कक्ष में राजा दशरथ और कैकेयी के बीच लंबे और हृदयविदारक संवाद दर्शकों को भीतर तक झकझोर देते हैं।

राजा दशरथ ने हर संभव प्रयास कर कैकेयी को यह समझाने का प्रयास किया कि राम और भरत उनके लिए समान रूप से प्रिय हैं, किंतु कैकेयी अपने निर्णय पर अडिग रहीं। पुत्र राम के वनवास की चिंता में राजा दशरथ अंततः मूर्छित हो जाते हैं। यह समाचार धीरे-धीरे पूरे महल से निकलकर अयोध्या नगरी में फैल जाता है, जिससे वातावरण करुणा से भर उठता है।

नाट्य प्रस्तुति में जितेंद्र सिंह (राम), शिवेंद्र वैश्य (लक्ष्मण), जान्हवी पाण्डेय (सीता), हर्ष पांडेय (दशरथ), हर्षिता तिवारी (कैकेयी), अस्मिता तिवारी (कौशल्या) तथा अपराजिता तिवारी (सुमित्रा) ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम की दूसरी कड़ी में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में नवोदित कलाकार साईं ब्रदर्स ने “चलो मन गंगा यमुना तीर”, “रे मन हरि सुमिरन कर”, “सीता राम सीता कहिए”, “प्रयाग नगरी बसे संगम के तीरे” तथा “मोरे सर से टली बला, कबीर भला हुआ” जैसे भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी।

इसके उपरांत साधना शर्मा ने देवी गीत “झूला झूले निमिया के उरिया”, “अरे रामा बूंद-बूंद पड़ेला फुहार” तथा “ठाड़ी मैं जमुना के तीर—मछरिया बिंदिया लै गई” की प्रस्तुति देकर श्रोताओं से भरपूर तालियां बटोरीं। वहीं जवाबी बिरहा की प्रस्तुतियों ने ग्रामीण अंचल की जीवंत छवि को मंच पर साकार कर दिया।कार्यक्रम का कुशल संचालन अमित मिश्रा ने किया। इस अवसर पर केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा, कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय, प्रवीण शेखर, आलोक नायर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।










