‘भगवान’ का निर्दयी चेहरा, माल CHC में रात 10 बजे सोने गईं महिला डॉक्टर, दर्द से तड़पते मरीजों से बोलीं— “बार-बार परेशान न करें।

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

 अवनीत कुमार शर्मा के साथ सरिता सिंह की रिपोर्ट

मॉल, लखनऊ। ‘भगवान’ का निर्दयी चेहरा, माल CHC में रात 10 बजे सोने गईं महिला डॉक्टर, दर्द से तड़पते मरीजों से बोलीं— “बार-बार परेशान न करें।  राजधानी के माल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। रविवार (25 जनवरी) की रात जब मरीज अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर पहुँचे, तो ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर सेवा करने के बजाय ‘नींद’ का आनंद लेने में मग्न दिखीं। हद तो तब हो गई जब मदद मांगने पर उन्होंने मरीजों को फटकार लगाते हुए कह दिया कि उन्हें “बार-बार परेशान न किया जाए।

रात 10 बजे ‘सोने’ चली गईं डॉक्टर साहिबा जानकारी के अनुसार, रात करीब 10 बजे अस्पताल में कई गंभीर मरीज मौजूद थे। कायदे से डॉक्टर को उनकी देखभाल करनी चाहिए थी, लेकिन आरोप है कि डॉक्टर साहिबा अपने कक्ष में सोने चली गईं। जब तीमारदारों ने इलाज के लिए गुहार लगाई, तो डॉक्टर ने सेवा भाव भूलकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। दर्द से कराहते मरीज और उनके परिजन घंटों दर-दर भटकते रहे, लेकिन ‘मैडम’ की नींद में खलल डालना गुनाह साबित हुआ।

योगी सरकार की छवि को पलीता लगा रहे ऐसे डॉक्टर एक तरफ सूबे के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक जी लगातार अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुधारने में जुटे हैं, वहीं माल सीएचसी के ऐसे डॉक्टर सरकार की छवि धूमिल कर रहे हैं। रात के वक्त इमरजेंसी सेवाओं का ठप होना और डॉक्टरों की यह मनमानी किसी बड़े हादसे को दावत दे रही है।

CMO लखनऊ बताएं कि क्या सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर सोने की तनख्वाह लेते हैं? क्या उन महिला डॉक्टर पर ‘कार्य में लापरवाही’ और ‘मरीजों से अभद्रता’ का मुकदमा दर्ज होगा? क्या गरीब मरीजों को रात में इलाज के लिए सिर्फ दुत्कार ही मिलेगी?

AT Samachar
Author: AT Samachar

Leave a Comment

और पढ़ें

Buzz4 Ai