मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा की रिपोर्ट
रामपुर। यूजीसी काले कानून के खिलाफ संगठनों का प्रदर्शन, डॉ. प्रियंका शुक्ला का इंटरव्यू भी आया सामने। त्रिपुरेश्वरी शक्तिपीठ की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रियंका शुक्ला के निर्देशन में आम संगठनों के लोगों ने एकजुट होकर यूजीसी के तथाकथित “काले कानून” के विरोध में जिलाधिकारी एवं सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कानून को शिक्षा व्यवस्था के लिए घातक बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा, “यूजीसी का यह कानून छात्रों और शिक्षकों के अधिकारों का हनन करता है। शिक्षा को व्यापार बनाने की यह साजिश किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हम लंबे समय से इसके खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं और आज हाईकोर्ट द्वारा यूजीसी पर बैन लगाने के आदेश की जानकारी मिलते ही हम सभी को बड़ी राहत मिली है।”
उन्होंने आगे कहा, “यह फैसला सिर्फ संगठनों की नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा जगत की जीत है। इससे यह साबित होता है कि जब जनता संगठित होकर आवाज उठाती है, तो अन्याय के खिलाफ न्याय जरूर मिलता है।” डॉ. प्रियंका शुक्ला ने प्रशासन से मांग की कि हाईकोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए और जब तक अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक यूजीसी के इस कानून को किसी भी रूप में लागू न किया जाए।
इस अवसर पर विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में शिक्षा के हित में संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।










