सड़कों पर भटकते मानसिक विक्षिप्तों की खबर से जागा प्रशासन, जिला चिकित्सालय में अस्थायी पुनर्वास केंद्र की पहल।

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मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा की खास रिपोर्ट

बिलासपुर, रामपुर। सड़कों पर भटकते मानसिक विक्षिप्तों की खबर से जागा प्रशासन, जिला चिकित्सालय में अस्थायी पुनर्वास केंद्र की पहल।जनपद व बिलासपुर में लंबे समय से सड़कों पर भटक रहे मानसिक रूप से विक्षिप्त और निराश्रित लोगों की दुर्दशा को लेकर अब प्रशासन हरकत में आया है।

सांसद मोहिबुल्लाह नदवी के प्रतिनिधि अथर अली खां द्वारा यह गंभीर आरोप सामने लाया गया था कि जिले में मानसिक विक्षिप्त लोगों की न तो समुचित देखभाल हो रही है और न ही उनके इलाज व पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था है। आरोप यह भी था कि इलाज के अभाव में ऐसे लोग सड़कों पर ही दम तोड़ रहे हैं। इस सम्बन्ध मे सांसद प्रतिनिधि अथर अली खां ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन भी दिया गया था

इस संवेदनशील मुद्दे को मीडिया ने प्रमुखता से खबर दिखाया, जिसके बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से संज्ञान में लिया। खबर सामने आने के बाद जिलाधिकारी रामपुर अजय कुमार द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक रामपुर विधा सागर मिश्रा तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी रामपुर डॉ. दीपा चौधरी ने तत्काल पहल करते हुए जिला चिकित्सालय में मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्तियों के लिए अस्थायी पुनर्वास केंद्र स्थापित करने की दिशा में कदम उठाया।

शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्साधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक रामपुर ने जिला चिकित्सालय परिसर में उस वार्ड का निरीक्षण किया, जिसे मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्तियों के अस्थायी पुनर्वास केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया है। अधिकारियों ने मौके पर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और आवश्यक निर्देश भी दिए।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह अस्थायी पुनर्वास केंद्र उन मानसिक रूप से विक्षिप्त एवं निराश्रित व्यक्तियों के लिए स्थापित किया जा रहा है, जिन्हें विभिन्न अभियानों और पुलिस द्वारा किए जाने वाले उद्धार कार्यों के दौरान चिन्हित किया जाता है। केंद्र का उद्देश्य ऐसे लोगों को सड़कों पर छोड़ने के बजाय सुरक्षित, संरक्षित और मानवीय वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी समुचित देखभाल की जा सके।

पुनर्वास केंद्र में मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्तियों के उपचार, संरक्षण और देखरेख के लिए आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही प्रशिक्षित चिकित्सकीय एवं सहायक स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की गई है, जिससे प्राथमिक उपचार, मानसिक परामर्श और अन्य आवश्यक चिकित्सकीय सहायता समय पर मिल सके।

अधिकारियों ने स्वीकार किया कि पूर्व में इस प्रकार के प्रकरण समय-समय पर सामने आते रहे हैं, लेकिन अस्थायी पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था न होने के कारण प्रशासन और पुलिस को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कई बार ऐसे व्यक्तियों को लेकर कोई स्पष्ट समाधान नहीं निकल पाता था।

इस अस्थायी पुनर्वास केंद्र की स्थापना से मानसिक रूप से विक्षिप्त एवं निराश्रित लोगों को अल्प अवधि के लिए सुरक्षित और मानवीय आश्रय उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही उनकी पहचान, चिकित्सकीय उपचार और स्थायी पुनर्वास की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सकेगा। इसके अलावा प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित होगा

कुल मिलाकर, मीडिया में उठे सवालों और जनप्रतिनिधियों द्वारा सामने लाए गए इस सवेदनशील मुद्दे पर ज़िला अधिकारी पुलिस अधीक्षक रामपुर मुख्य चिकित्सा अधिकारी रामपुर ने सकारात्मक पहल की है।

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Author: AT Samachar

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