इंडिया मार्का हैंडपंप में ठूंसा निजी सबमर्सिबल, हत्था उखाड़कर फेंका
मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा के साथ शिवम दिक्षित की रिपोर्ट
बंडा, शाहजहांपुर। भाजपा नेता के नातेदार का ‘जल आतंक’, सरकारी हैंडपंप पर कब्जा, गांव को प्यासा छोड़ा। क्षेत्र के गांव कुवरपुर में सत्ता के कथित संरक्षण में सरकारी संपत्ति पर खुलेआम कब्जे का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांव के सार्वजनिक इंडिया मार्का हैंडपंप को दबंगों ने निजी जागीर बना लिया है। हैंडपंप में निजी सबमर्सिबल पंप फिट कर दिया गया, और ग्रामीणों के पानी भरने से रोकने के लिए हैंडपंप का हत्था उखाड़कर गायब कर दिया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद खंड विकास अधिकारी बंडा और जल निगम के जिम्मेदार अफसर आंख मूंदे बैठे हैं। वजह बताई जा रही है। आरोपियों को पुवायां क्षेत्र के एक कथित भाजपा नेता का संरक्षण, और आरोपी उनके नातेदार बताए जा रहे हैं।
सवाल यह है कि क्या सत्ता का रसूख कानून से ऊपर हो गया है?
अवैध बिजली से चल रहा सबमर्शीबल हैरानी की बात यह है कि सरकारी हैंडपंप में अवैध बिजली कनेक्शन के जरिए सबमर्सिबल चलाया जा रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से तत्काल जांच कर बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। गंभीर आपराधिक इतिहास के आरोप, सूत्रों के मुताबिक आरोपियों पर पहले से ही पुवायां थाना क्षेत्र में गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज रहे हैं, जिनमें 307 जैसी संगीन धाराएं भी बताई जाती हैं। इसके बावजूद दबंगई और कानून की खुली अवहेलना जारी है।
मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के नाम पर कब्जे की कोशिश मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। गांव के मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति कालीचरण पुत्र लालू के नाम का कथित नक्शा/दस्तावेज दिखाकर अवैध कब्जे को वैध साबित करने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों ने इसकी निष्पक्ष और गहन जांच की मांग उठाई है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सरकारी हैंडपंप से निजी सबमर्सिबल तुरंत हटवाया जाए, हैंडपंप में नया हत्था लगवाकर सार्वजनिक उपयोग बहाल किया जाए,और दबंगों व उन्हें संरक्षण देने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। प्रशासन पर सीधे सवाल जब हैंडपंप सरकारी है तो उस पर निजी कब्जा कैसे? अवैध बिजली कनेक्शन पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं?क्या शिकायतें सिर्फ इसलिए दबा दी गईं क्योंकि आरोपियों के राजनीतिक संबंध बताए जा रहे हैं? क्या गांव के गरीबों को पानी भी अब रसूख देखकर मिलेगा? अब देखना यह है कि प्रशासन जागता है या सत्ता के साये में यह जल आतंक’ यूं ही चलता रहेगा।










