स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश, डीएम का घेराव कर सकते है लोग
त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। श्रृंगवेरपुर धाम की जमीन पर हो रहा अवैध कब्जा, एसडीएम के रोक के आदेश के बावजूद नहीं रुका अवैध निर्माण कार्य। जनपद के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में एक भगवान राम की तपोस्थली श्रृंगवेरपुर धाम जहां पर राष्ट्रीय रामायण मेले का आयोजन होता है इस खाली जमीन पर कुछ दिनों से एक कथित बाबा कब्जा कर रहा है जिसको लेकर जिलाधिकारी के आदेश पर उप जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य रोकने का आदेश भी जारी किया उसके बावजूद बाबा जेसीबी लगाकर वहां खाली पड़ी जमीन को कब्जा करने का प्रयास कर रहा है जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है और कभी भी आक्रोशित लोग जिलाधिकारी का घेराव कर सकते हैं। स्थानीय लोगों ने तत्काल निर्माण कार्य रोके जाने और इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से दोहराई है।
जानकारी के अनुसार जहां पर राष्ट्रीय रामायण मेला लगता है, वहां पर खाली पड़ी जमीन जिसमें तीन गाटा संख्या हैं उसे पर प्रदर्शनी आदि का आयोजन होता है और यहां आए लोग अपने वाहनों को पर भी खड़ा किया करते हैं लेकिन एक हफ्ते से यहां पर एक व्यक्ति द्वारा संस्था के नाम पर उक्त खाली जमीन पर जेसीबी लगाकर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। जबकि उक्त जमीन का मामला न्यायालय में लंबित है।
उसे रोकने के लिए एसडीएम ने आदेश भी जारी किया था उसके बावजूद उक्त निर्माण कार्य रोका नहीं जा सका जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है इस मामले को लेकर आज राष्ट्रीय रामायण मेला श्रृंगवेरपुरधाम के उपाध्यक्ष सियाराम सरोज की अध्यक्षता में एक बैठक हुई जिसमें अवैध निर्माण पर आक्रोश जाहिर किया गया तथा जिलाधिकारी से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप कर अवैध निर्माण रोके जाने की मांग दोहराई गई।
बैठक में यह निर्णय लिया कि पूरे मामले से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को भी अवगत कराया जाए जिससे कि राष्ट्रीय रामायण मेला और श्रृंगवेरपुरधाम दोनों का अस्तित्व बचा रहे।
बैठक में सियाराम सरोज ने कहा कि जो व्यक्ति यहां कब्जा कर रहा है वह कभी श्रृंगवेरपुरधाम में था ही नहीं इस व्यक्ति पर संस्था के नाम पर मिली जमीन को बचने का भी आरोप लगा है। सियाराम सरोज का कहना था कि जो यहां कब्जा कर रहा है उसकी भी जांच जरूरी है कि आखिर वह यहां किस उद्देश्य से अवैध कब्जा कर रहा है।
बैठक में बलराम सिंह एडवोकेट, अनिल दुबे एडवोकेट, संतोष कुमार मिश्रा एडवोकेट संजय पांडे, डॉक्टर राजेश तिवारी आदि प्रमुख रहे।










