त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। तीस दिवसीय नाट्य कार्यशाला का शुभारंभ। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी), नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 30 दिवसीय प्रस्तुतिपरक नाट्य कार्यशाला का शुभारंभ शनिवार को केंद्र के प्रेक्षागृह में हुआ। कार्यशाला का उद्घाटन कार्यशाला निर्देशक अवतार साहनी, ,राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा तथा उपनिदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर कार्यशाला निर्देशक अवतार साहनी ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रंगमंच सीखने के लिए अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिभागी पूरे मन से प्रशिक्षण लें और इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं।

केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा ने कहा कि उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र रंगमंच और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि 30 दिनों के दौरान प्रतिभागी अभिनय का प्रशिक्षण प्राप्त करने के साथ-साथ एक-दूसरे की संस्कृति, भाषा और अनुभवों को भी जानेंगे, जिससे उनकी समझ और रचनात्मकता का विस्तार होगा। उन्होंने बताया कि देशभर से प्राप्त 156 आवेदनों में से चयन साक्षात्कार के माध्यम से 30 प्रतिभागियों का चयन किया गया है, जबकि 7 अभ्यर्थियों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। कार्यशाला में उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली और मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के युवा रंगकर्मी भाग ले रहे हैं।
तीस दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभागियों को अभिनय, वाचन, शरीर संचालन, स्वराभ्यास, मंच सज्जा, प्रकाश योजना तथा रंगमंच की अन्य व्यावहारिक विधाओं का विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों द्वारा तैयार नाट्य प्रस्तुति का मंचन भी किया जाएगा।









