त्रिभुवन नाथ की रिपोर्ट
प्रयागराज। सनातन धर्म की रक्षा, विश्व जनकल्याण एवं सर्व मनोकामना पूर्ति हेतु अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण अभिषेक एवं विसर्जन महायज्ञ पाँचवें दिवस भी अनवरत जारी। भगवान शिव की पूजा के लिए सावन के सोमवार बड़े महत्वपूर्ण होते हैं, इस दिन शिवलिंग को जल व बेलपत्र अर्पित करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है- श्याम सूरत पाण्डेय
प्रयागराज 3 अगस्त- सनातन धर्म की रक्षा विश्व जनकल्याण सम्पूर्ण मनोकामना पूर्ति हेतु जारी अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण अभिषेक एवं विसर्जन महायज्ञ भक्तिमय भजन संध्या एवं महाशिवपुराण कथा का कार्यक्रम नैतिक विकास शोध संस्थान सेवा ट्रस्ट प्रयाग के तत्वावधान में संगमतट त्रिवेणी बाँध स्थित श्री गायत्री यज्ञशाला मन्दिर हण्डिया बाबा योगालय के बगल पूरे विधि विधान के साथ पाँचवें दिन भी अनवरत जारी।
आज मुख्य जजमान के रूप में श्रीमती ज्योति केसरवानी, काजल केसरवानी, लता केसरवानी, रितेश कुमार केसरवानी, इजिलेश सिंह (कोषाध्यक्ष क्षत्रिय महासभा) आदि ने उपस्थित हो कर सुबह से शाम तक क्रमशः पार्थिव शिवलिंग का पुष्प, बेलपत्रों आदि से श्रृंगार करते हुए अभिषेक, पूजन आरती किया। यज्ञ संयोजक एवं संस्था के संस्थापक अध्यक्ष श्री श्याम सूरत पाण्डेय ने कहा की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में सावन सोमवार का व्रत रखकर अगर सावन सोमवार को अपने हाथों से पार्थिव शिवलिंग बना कर उनका विधिविधान से पूजन एवं अभिषेक किया जाए तो इससे जीवन के सभी दुखों का अन्त होता है। साथ ही भगवान शिव अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। भगवान शिव की पूजा के लिए सावन के सोमवार बड़े महत्वपूर्ण होते हैं। इस दिन शिवलिंग को जल व बेलपत्र अर्पित करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। इस दिन विशेष तरह के प्रयोग भी किए जाते हैं। आज सावन का पहला सोमवार है, मान्यता है कि सावन की सोमवार का व्रत रखने और सच्चे मन से पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं अभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख समृद्धि का आगमन होता है।
संस्था के प्रवक्ता एवं महासचिव नैतिक विकास शोध संस्थान सेवा ट्रस्ट सत्य प्रकाश पाण्डेय ने कहा की पार्थिव शिवलिंग बना कर उसका पूजन करने मात्र से भक्तों के समस्त कष्टों का नाश हो जाता है इसलिए समस्त प्रयागवासियों एवं शिवभक्तों को कार्यक्रम में उपस्थित होकर पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं पूजन करना चाहिए। पूरे सावन मास तक अनवरत चलने वाले कार्यक्रम के पाँचवें दिवस में मुख्य रूप से डॉ सत्या पाण्डेय, राजनाथ तिवारी, राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय, वरिष्ठ समाजसेवी बब्बन दुबे, अधिवक्ता दुर्गेश दुबे, राजेन्द्र तिवारी दुकानजी, अधिवक्ता सत्य प्रकाश पाण्डेय, अधिवक्ता देवेन्द्र मिश्र नगरहा, रामनरेश तिवारी पिण्डीवासा, आशा पाण्डेय, मधुबाला पाण्डेय, संजय मिश्र सहित सैकड़ों भक्तगण उपस्थित रहे।









