निजी स्कूल में फीस वृद्धि किए जाने से नाराज अधिवक्ताओं ने सड़कों पर उतारे।

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त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट

प्रयागराज। निजी स्कूलों में फीस वृद्धि किए जाने से सड़कों पर उतरे अधिवक्ता हाई कोर्ट स्थित अंबेडकर चौराहे पर अभिभावक एकता समिति उत्तर के तत्वाधान में उदय शंकर तिवारी पूर्व उपाध्यक्ष हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के नेतृत्व में निजी स्कूलों में फीस वृद्धि किए जाने के विरोध मे हस्ताक्षर अभियान चलाया अधिवक्ताओं ने बढ़-चला कि हिस्सा लिया।

इस अवसर में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विजय गुप्ता ने कहा कि 538 अधिवक्ताओं ने हस्ताक्षर किया शिक्षा सभी का मौलिक अधिकार शिक्षा सस्ती होनी चाहिए इससे देश का विकास की नदिया बहेगी बेरोजगारी दूर होगी अपराध घटेगा केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार शिक्षा माफियाओं पर अंकुश लगाएं। गरीब हो यह रईस शिक्षा शिक्षा हो एक समान अधिकार वर्तमान समय प्राइवेट कान्वेन्ट स्कूलों में बेतहाशा वृद्धि से अभिभावक परेशान हैं। स्कूलों में 15/से 25/प्रतिशत फीस वृद्धि उसके बाद लगभग हर साल पाठ्य पुस्तकों में बदलाव हो रहा हैं स्कूलों को भी व्यवसायिक केन्द्र बनाकर या किसी दुकान से तालमेल करके कापी किताब जूते मोजे आदि सामग्री मनमानी कीमत पर खरीदने हेतु अभिभावकों को विवश किया जा रहा है, ऐसी स्थिति में आम आदमी अपने बच्चों को शिक्षित कर पाने में असहज दिखाई दे रहा है।

 

कार्यक्रम का संचालन प्रमिल केसरवानी प्रदेश महामंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश शासन व जिला प्रशासन से कान्वेन्ट स्कूलों में हो रही बेतहाशा फीस वृद्धि पर तत्काल पर रोक लगाई जाय। शिक्षा के मन्दिर स्कूलों का व्यवसायीकरण रोककर अभिभावकों को कहीं से भी कापी किताब, जूते मोजे आदि खरीदने हेतु स्वतन्त्र किया जाय। पाठ्यक्रमों में बदलाव में कम से कम 10 वर्ष का अन्तर निर्धारित किया जाय।

ज्ञापन सपने वालो में मनीष गुप्ता, विकास अग्रहरि, अभिलाष केसरवानी, अतुल खन्ना, कुलदीप चौरसिया बिल्लू , डी पी सिंह एडवोकेट, संजीव वाजपेयी, प्रज्ञाम सिंह, विजय चंद्र यादव, पंकज कुमार पाण्डेय, प्रतीक सिंह छोटे लाल बिंद, कमल शुक्ल, संतोष सिंह, महेंद्र पांडेय, रजनीश पांडेय, विनय अग्रहरि, अधिवक्ता गण मौजूद रहे।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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