त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। सिविल लाइंस इलाके की रहने वाली एक पीड़िता ने अपनी ही जमीन को खाली कराने के लिए लगा रही है पीडीए के अधिकारियों की चक्कर, जमीन को कब्जा करने वाले दबंग उड़ा रहे हैं मौज।
दरअसल मामला प्रयागराज के अलोपीबाग इलाके का है, जहां पर मकान नंबर 93 ए / 290 अब दबंगो के कब्जे में हो गयी है। जबकि इस जमीन को खाली कराने के लिए पीडीए ने आदेशित भी कर रखा है। पीडीए के द्वारा विपक्षीगण समीर मिश्र पुत्र माताम्बर मित्र को नोटिस भी जारी किया गया है। जिसमें कहा गया की 30 दिन के अंदर स्वयं जमीन पर बनाये गए अवैध मकान को ध्वस्त कर कार्यालय को सूचित किया जाए। लेकिन अभी तक यह नहीं हो सका बल्कि दबंग ब्यक्ति के द्वारा उसमें निर्माण कराया जा रहा है।
वहीं पीड़ित महिला माया राज चौरसिया ने आरोप लगाते हुए बताया कि यह जमीन मेरे पति राजकुमार चौरसिया के नाम है। जहां पर समीर मिश्रा पुत्र माताम्बर मित्र नामक एक व्यक्ति के द्वारा 2022 में कब्जा कर लिया गया। जिसकी सूचना लगातार पीडीए को दी जा रही है। पीडीए ने इस पर कार्रवाई करते हुए भवन एव खाली पड़ी जमीन को सील कर दिया और समीर मिश्रा के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई। लेकिन समीर मिश्रा सील के बावजूद भी उस जमीन पर काम कर रहा है। जबकि पीडीए ने ध्वस्तीकरण की तारीख 11 जून को रखी थी। पीड़िता अपने अधिवक्ताओं के साथ वहां पहुंची लेकिन पीडीए के अधिकारी वहां पर नहीं आ सके।
दुबारा पीड़िता ने पीडीए के अधिकारियों के पास अपनी फरियाद लेकर पहुचीं तो पीडीए ने 20 जून दिन शुक्रवार समय 12 बजे ध्वस्तीकरण के लिए समय दिया। लेकिन आज भी पीडीए के अधिकारी वहाँ नही पहुँचे जबकि पीड़िता अपने अधिवक्ताओं के साथ सुबह से वहाँ मवजूद रही। थकी हारी पीड़िता ने अब सूबे के मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।
अब देखने वाली बात है कि किया इस पीड़ित महिला के साथ योगी सरकार न्याय करती है या पीड़ित माया राज चौरसिया न्याय के लिए पीडीए और जिला प्रशासन का चक्कर लगाती रहेगी यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।










