शाहूजी के जन्मदिन पर सपा कार्यालय में गोष्ठी कर किया गया याद
त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। मराठा साम्राज्य के शासक राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज को देश की तत्कालीन प्रभुत्व वादी, सामंत वादी ताकतों से मुकाबला कर समाज के शोषितों, वंचितों, पिछड़ों, आदिवासियों, के सम्मान एवं स्वाभिमान के लिये संघर्ष करने वाले महान शासक एवं समाज सुधारक के रूप में हमेशा याद किया जायेगा।शाहूजी महराज ने अपने राज्य में इस वर्ग के लिये 50 प्रतिशत आरक्षण देकर शासन एवं सत्ता में भागीदारी दी थी। उन्हें आरक्षण का जनक भी कहा जाता है। उक्त बातें समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय में आज शाहूजी के जन्मदिन पर आयोजित गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि सपा एमएलसी डॉ मानसिंह यादव ने कहीं।
जिलाध्यक्ष अनिल यादव, महानगर अध्यक्ष सैयद इफ़्तेख़ार हुसैन ने कहा कि शाहूजी महराज ने वर्ष 1912 में अपने राज्य में सबके लिये प्राथमिक शिक्षा अनिवार्य और निःशुल्क कर दी थी ताकि समाज का कोई बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रह जाये।जबकि प्रदेश की सत्ता में बैठी भाजपा सरकार प्राथमिक स्कूलों को बंद कर शिक्षा के साथ खिलवाड़ करने जा रही है।
सपा नेताओं, पदाधिकारियों ने बालविवाह पर रोक, विधवा पुनर्विवाह के लिये क़ानून बनाये जाने, बंधुवा मजदूरी को खत्म करने, दलितों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिये उनके किये गए प्रयास की चर्चा करते हुए कहा कि शाहूजी महराज हमेशा याद किये जायेंगे।बर्तमान में सपा मुखिया मा अखिलेश यादव के नेतृत्व में पीडीए समाज के अधिकारों के लिये संघर्ष को तेज करने पर भी बल दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में सपाजनों ने उनके चित्र पर फूल माला अर्पित कर नमन किया।
इस मौके पर प्रमुख रूप से सर्व डॉ मानसिंह यादव, जिलाध्यक्ष अनिल यादव, महानगर अध्यक्ष सैयद इफ़्तेख़ार हुसैन, राम सुमेर पाल, जगदीश यादव, रविन्द्र यादव, तारिक सईद अज्जू, महबूब उस्मानी, दान बहादुर मधुर, आर. एन. यादव, जीतलाल यादव, खिन्नी लाल पासी, सचिन श्रीवास्तव, देवीलाल, शांति प्रकाश पटेल, नाटे चौधरी, पूर्व प्रमुख संदीप यादव, महेन्द्र निषाद, कुलदीप यादव, संगम लाल मौर्य,मृत्युंजय पाण्डेय, फूल चंद कन्नौजिया, राजेंद्र यादव, जितेंद्र पटेल, अतर सिंह, जय शंकर भारतीय, गीता भारतीय, संतोष यादव, ओम प्रकाश यादव, लाल चंद्र कुशवाहा, हरिश्चन्द्र पप्पू, डी.के.यादव, राजेश, सुरेश श्रीवास्तव, महेन्द्र सरोज, शंकर लाल, के.के. बच्चा यादव, राजवंत पटेल, मुलायम यादव,सऊद अहमद आदि ने अपने विचार व्यक्त किये।










