त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। डा. अम्बेडकर वेलफेयर नेटवर्क (डान) संस्थापक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज दैनिक समाचार पत्रों से जैसे पता चला कि शुक्रवार को जिलाधिकारी रविन्द्र मांदड़ जन सुनवाई में स्वयं बैठेगी तो करछना तहसील से सैंतीस और बारा तहसील से सत्रह गांवों की पचासों भूमिहीन खेतिहर मजदूर महिलाएं और पुरुष कार्यालय जिलाधिकारी पहुंचकर नारेबाजी की उसके बाद अपने गांवों का भूमिहीनों में पट्टा करने के बाबत प्रार्थना पत्र देकर जिलाधिकारी की गाड़ी के सामने बैठ गई।
उच्च न्यायालय के अधिवक्ता डान संस्थापक आईपी रामबृज ने बताया कि जिलाधिकारी प्रयागराज द्वारा मुख्यमंत्री के आदेशों का अनुपालन नहीं किये जाने के बाबत डान के हजारों भूमिहीन खेतिहर मजदूर बुद्धवार 25 जून को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के 5 कालीदास मार्ग स्थित आवास पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने हेतु रवाना होंते और 26 जून से सतत अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे रहते किन्तु खुफिया विभाग द्वारा शासन को सूचित करने पर उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सख्त निर्णय लेने पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नगर और पुलिस उपायुक्त नगर के हस्तक्षेप और डॉन संस्थापक से बात करने पर सकारात्मक निर्णय के साथ लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर किया जाने वाला अनिश्चितकालीन अनशन स्थगित कर दिया गया किन्तु बुधवार को डीएम प्रयागराज से डान संस्थापक की बात हुई कि मुख्यमंत्री के आदेश का अनुपालन कब होगा तो डीएम प्रयागराज एक सप्ताह के अन्दर डॉन संस्थापक की उपस्थिति में एक बैठक करके ग्रामसमाज की जमीनें एक अभियान के तहत भूमाफियाओं से मुक्त करवाकर भूमिहीनों में आवंटित किए जाने का आश्वासन ओरल दिया था।
शुक्रवार को जिलाधिकारी की गाड़ी घेरकर पचासों महिलाओं ने अपनी शक्ति का एहसास भी कराया। एक दो दिन में उप जिलाधिकारी बारा और करछना के साथ बैठक कर अभियान के तहत पट्टे कराने की बात जिलाधिकारी ने की।










