मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा की रिपोर्ट
रामपुर। रामपुर में संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के महा परिनिर्वाण दिवस पर कांग्रेसजनों द्वारा एक भव्य स्मृति सभा का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में देश की लोकतांत्रिक परंपराओं तथा संविधान की मूल भावना की रक्षा के संकल्प को दोहराया गया।
कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल ने 14 दिसंबर को दिल्ली रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस रैली का संदर्भ देते हुए कहा “वोट चोरों को गद्दी छोड़ने पर मजबूर करना होगा। दिल्ली की यह रैली देश की दिशा तय करेगी और इसे हर हाल में कामयाब बनाना सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है।”
पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय सचिव संजय कपूर ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा आज संगठन को मजबूती से खड़ा करने का समय है। 14 दिसंबर की रैली में अभूतपूर्व जनसैलाब लेकर जाना हर कांग्रेस कार्यकर्ता का कर्तव्य है। एआईसीसी सदस्य मुती रहमान खां ने अपने संबोधन में कहा बाबा साहब का संविधान हमारा अस्त्र भी है और शक्ति भी। संविधान पर होने वाले हर हमले के खिलाफ हमारा संघर्ष जारी रहेगा और दिल्ली की रैली इस संघर्ष का महत्वपूर्ण कदम होगी।”
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निक्कू पंडित जी ने सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा “संविधान की रक्षा की जिम्मेदारी प्रत्येक कांग्रेसजन पर है। बाबा साहब के आदर्शों और संघर्षों से प्रेरणा लेकर हम सभी को संगठित होकर लोकतंत्र को मजबूत करना होगा। हमारी एकजुटता ही हमारी ताकत है।” स्मृति सभा में बड़ी संख्या में कांग्रेसजन, पदाधिकारी एवं युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने संविधान एवं सामाजिक न्याय की रक्षा का संकल्प लिया।
इस अवसर पर पूर्व प्रदेश सचिव सचिन त्रिवेदी, नगर अध्यक्ष बाकर अली ख़ान, ब्लॉक अध्यक्ष, अर्सलान अली खान प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस, शारिक, मोहम्मद हसन, जितेन्द्र गंगवार,फरीद खां, रामगौपाल, प्रेम किशोर रस्तोगी, हाजी नाजिश, शाहवेज खां, जुनैद अकमल, आसिफ़ ख़ा, प्रदीप रस्तोगी, फरहत खान, सलीम मुमताज, नाजिम, तौफीक अहमद, यासिर अली, आरिफ अलवी, नौमान मुमताज़ ख़ान, गुरवाज संधू, कपिल चौधरी, साहिर रज़ा ख़ान, वेदराम यादव, शारिब अली ख़ान, डॉक्टर ज़फ़र,राजेश लोधी, कलीम अहमद, दुर्गेश मौर्य, अबरार गुड्डू, मुकर्रम मियाँ, देवकीनंदन, कुमार एकलव्य, बद्री प्रसाद, आसिफ़ ख़ान, इरफ़ान पाशा, शुऐब कमर समेत तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।










