विश्व में योग एवं आयुर्वेद की स्वीकार्यता बढ़ी राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस’ के अवसर पर ‘आयुष जन स्वास्थ्य कार्यक्रम’

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ATS रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में आरोग्यं परमं भाग्यं की मान्यता है। हमारी संस्कृति में निरोग रहने को परम भाग्य माना गया है, पूर्वजों द्वारा बताए गए सात सुखों में – पहला सुख निरोगी काया है। निरोग रहने के लिए हमारे ऋषियों ने योग और आयुर्वेद जैसे अद्वितीय विज्ञान विश्व को दिए, जिसका मूल ऐसी जीवनशैली अपनाना है, जिससे हम बीमार ही न पड़ें और रोग से पहले स्वास्थ्य की रक्षा हर व्यक्ति की सर्वोच्च प्राथमिकता हो। आयुर्वेद के सिद्धांतों का पालन करने से आयुष्मान भव के आशीर्वाद को हम चरितार्थ कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दसवें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अंगवस्त्र एवं औषधीय पौधा भेंटकर आत्मीय स्वागत किया गया। प्रदेश में वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए आयुष और पर्यटन विभाग के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुष जनस्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 55 जिलों की 55 इकाइयों में प्रसार गतिविधियों, कैंसर रोगियों के लिए “कारुण्य” कार्यक्रम और औषधि पौधों के लिए हेल्पलाईन का शुभारंभ किया। साथ ही मासिक पत्रिका मध्य हर्बल दर्पण’ के प्रथम अंक और जन आरोग्य समिति की नियमावली का विमोचन किया। इस अवसर पर विभागीय गतिविधियों पर लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य रक्षा के लिए उनका स्वयं का भी आयुर्वेद में अटूट विश्वास है। आयुर्वेद के नियम-संयम के पालन का ही परिणाम है कि वे उच्च रक्तचाव, शुगर जैसी जीवनशैली जन्य किसी भी रोग से पीड़ित नहीं है और जनसेवा को समर्पित जीवन में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के साथ हमें दैनिक दिनचर्या में सुधार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। आज दुनिया के 150 से अधिक देश आयुर्वेद अपना रहे हैं। इस वर्ष दसवें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की थीम ‘आयुर्वेद फॉर पीपल एंड प्लैनेट’ रखी गयी है। आयुर्वेद किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं बल्कि पूरी पृथ्वी के लिए है। जब दुनिया मेडिकल साइंस को एक्सप्लोर भी नहीं कर पाई थी, उस समय सुश्रुत संहिता में सर्जरी का उल्लेख मिलता है।’राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस’ के अवसर पर ‘आयुष जन स्वास्थ्य कार्यक्रम’ तथा औषधीय पौधों की खेती को लेकर किसानों की सुविधा हेतु टोल फ्री नंबर- 155258 का शुभारंभ किया।

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