मुरादाबाद रामपुर में रोजा इफ्तार के दौरान दिखा भाईचारे और इंसानियत का अद्भुत नज़ारा।

मुरादाबाद रामपुर में रोजा इफ्तार के दौरान दिखा भाईचारे और इंसानियत का अद्भुत नज़ारा।

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मंडल प्रभारी अवनी कुमार शर्मा के साथ अलीशा की रिपोर्ट

मुरादाबाद। मुरादाबाद रामपुर में रोजा इफ्तार के दौरान दिखा भाईचारे और इंसानियत का अद्भुत नज़ारा। पवित्र रमज़ान माह में शहर भर में रोजा रखने और इफ्तार करने का सिलसिला पूरे उत्साह और आस्था के साथ जारी है। सुबह सहरी के समय से लेकर शाम की अज़ान तक रोजेदार इबादत, तिलावत और नेक कामों में लगे रहते हैं। दिनभर भूखे-प्यासे रहकर सब्र और परहेज़गारी का परिचय देने के बाद जैसे ही अज़ान की आवाज़ गूंजती है, मस्जिदों और घरों में एक साथ रोजा इफ्तार किया जाता है।

शहर की प्रमुख मस्जिदों, मोहल्लों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा सामूहिक इफ्तार का आयोजन किया जा रहा है। खजूर और पानी से रोजा खोलने के बाद लोग नमाज़ अदा करते हैं और मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और आपसी भाईचारे की दुआ मांगते हैं। कई स्थानों पर हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग भी एक साथ इफ्तार में शामिल होकर गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल पेश कर रहे हैं।

इफ्तार के अवसर पर गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। समाजसेवी संस्थाओं द्वारा भोजन के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं, ताकि कोई भी रोजेदार इफ्तार से वंचित न रहे। युवाओं की टीमें भी बढ़-चढ़कर सेवा कार्यों में भाग ले रही हैं। उलेमा और धर्मगुरुओं ने अपने बयान में कहा कि रोजा केवल भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, त्याग और दूसरों के दुख-दर्द को समझने का संदेश देता है। रमज़ान का महीना इंसान को बुराइयों से दूर रहकर नेक रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है। वहीं प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और शांति व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो और लोग शांतिपूर्ण माहौल में अपनी इबादत पूरी कर सकें।

रोजा इफ्तार के इन आयोजनों से शहर में आपसी सौहार्द, प्रेम और एकता का संदेश फैल रहा है, जो समाज को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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