पीठाधीश्वर स्वामी ब्राह्मश्रम महराज, जगदगुरू स्वामी श्यामदेवाचार्य महराज हुए शामिल, जताई नराजगी
त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। माघ मेला में यूजीसी को लेकर संतों में आक्रोश, जगदगुरू स्वामी शाडिल्य महराज के नेतृत्व में बडी संख्या में संतों ने निकाला कैण्डिल मार्च। देश के कोने – कोने से माघ मेले में आये संत और महात्माओं ने केन्द्र सरकार के यूजीसी के नये विवादित कानून को शीघ्र वापस लेने की मांग को लेकर सेक्टर – छह के ओल्ड जीटी रोड स्थित चरखी दादरी आश्रम से कैण्डिल जुलूस निकाला जो गंगा तट तक गया। इस दौरान सभी संतों ने एक स्वर में यूजीसी को वापस लेने की मांग किया है। संतों के कैण्डिल मार्च का नेतृत्व श्रृंगवेरपुर धाम के जगदगुरू नारायणाचार्य स्वामी शांडिल्य जी महराज ने किया। इस दौरान अखिल भारतीय दण्डी संन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीठाधीश्वर स्वामी ब्राह्मश्रम महराज और जगदगुरू स्वामी श्यामदेवाचार्य महराज थे। संत, महात्माओं का कहना है कि सरकार के यूजीसी को लागू करने से जहां सामान्य वर्ग की प्रतिभाएं प्रभावित होगी, वही समाज में तेजी से विघटन बढेगा जो देश की एकता और अखण्डता के लिए कुठाराघात साबित होगा,ऐसे में केन्द्र सरकार को चाहिए कि वह यूजीसी को तुरंत वापस लें जिससे कि सामान्य वर्ग के आक्रोश को रोका जा सके।
श्रृंगवेरपुर धाम के जगदगुरू नारायणाचार्य स्वामी शांडिल्य जी महराज ने कहा कि केन्द्र सरकार को ऐसा कोई भी विवादित कदम नही उठाना चाहिए जिससे समाज के लोग प्रभावित हो और तनाव का माहौल बने, जिस तरह से पहले चल रहा था उसी तरह से चलने देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सरकार को समाज को लेकर चलना चाहिए ना कि समाज को तोडने और विघटित करने का काम करना चाहिए। श्रृंगवेरपुर धाम के जगदगुरू नारायणाचार्य स्वामी शांडिल्य जी महराज ने जोर देते हुए कहा कि सरकार यूजीसी के नये कानून को लाकर समाज में कौन सा संदेश देना चाहती है जबकि सरकार में बैठे लोग भी विरोध कर रहे है।

श्रीमद जगद्गुरु स्वामी श्री नारायणाचर्या शांडिल्य जी महराज ने कहा कि सरकार में बैठे लोग सामान्य वर्ग पर निशाना साधकर समाज को क्या और कैसा संदेश देना चाहती है, उसको स्पष्ट करें जिससे कि सामाजिक विघटन को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम उसके लिए कितना घातक होगा वह सोच नही सकती है,क्योकि सामान्य वर्ग के लोग अब सडको पर आ गये है और सरकार का सब तरीके से विरोध कर रहे है इससे जहां सरकार की छवि को बहुत नुकसान हो रहा है वही आगामी विधान सभा और लोकसभा के होने वाले चुनाव में भारी क्षति होगी।
अखिल भारतीय दण्डी संन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीठाधीश्वर स्वामी ब्राह्मश्रम महराज ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार को समाज के सभी लोगो ने चुना है लेकिन उसको सामाजिक विघटन को बढने से रोकना चाहिए और यूजीसी के नये कानून को शीघ्र वापस लेना चाहिए।










