बाँदा। सियासी माफिया मुख्तार अंसारी की मौत को पूरा एक साल बीत चुका है। यूपी के बांदा के मंडल कारागार में कैद मुख्तार अंसारी को 28 मार्च 2024 की रात गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया था जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हुई थी। मौत के पूरे एक साल बाद लोअर कोर्ट ने मुख्तार अंसारी की बैरक की सील खोलकर उसका सामान परिजनों को दिए जाने के निर्देश जेल प्रशासन को दिए हैं। न्यायालय के निर्देशों के मुताबिक जेल अधीक्षक ने जिलाधिकारी को मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में टीम गठित करने और जेल की बहुचर्चित बैरक नंबर 16 की सील हटाकर मुख्तार अंसारी का सामान वीडियो ग्राफी की निगरानी में उनके परिजनों को दिए जाने के लिए पत्र भेजा है।
बतादें की बाँदा जेल में कैद पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी की 28 मार्च को ईलाज के दौरान मौत हो गई थी, मुख्तार अंसारी के प्रश्न ऑन के आरोपों पर मुख्तार अंसारी की बैरक को पूरी तरह से सील कर दिया गया था और मामला कोर्ट में विचाराधीन था लेकिन अब लोअर कोर्ट ने मुख्तार अंसारी की बैरक की सील को खुलवाए जाने और उसकी प्रॉपर वीडियो ग्राफी कराते हुए मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित कमेटी के सामने मुख्तार अंसारी का सामान उनके परिजनों के सुपुर्द किया जाने का निर्देश दिया है, जिसको लेकर एक बार फिर बांदा मंडल कारागार चर्चा का केंद्र बन गया है।

आपको बता दें कि मुख्तार अंसारी की मौत के बाद उनका कोई भी परिजन बांदा नहीं आया, यहां तक कि मुख्तार के कस्टडी सर्टिफिकेट और पोस्टमार्टम से संबंधित कागजातों को ले जाने के लिए भी परिजनों ने अपनी सुरक्षा में खतरा बताते हुए आने से इनकार कर दिया था और सभी जरूरी कागजात और सामान रिसीव करने के लिए बांदा में अपने वकील को नामित किया था। इस मामले में लोअर कोर्ट ने मुख्तार अंसारी के सील बैरक खोलकर वीडियो ग्राफी करते हुए मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में गठित टीम के सामने सारा सामान मुख्तार अंसारी के परिजनों को सौंपे जाने के निर्देश दिए है।
वही इस मामले में जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम का कहना है कि न्यायालय के डायरेक्शन के तहत मुख्तार अंसारी के सामान वापसी की प्रक्रिया के तहत नामित मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में टीम गठित करने के लिए जिलाधिकारी को पत्राचार जेल प्रशासन की तरफ से किया गया है और कमेटी गठित कर मुख्तार अंसारी के परिजनों को बुलाकर सामान सुपुर्द किया जाएगा। जेल अधीक्षक के मुताबिक उन्होंने खुद भी कई बार मुख्तार अंसारी के परिजनों को बांदा आने के लिए पत्राचार किया है लेकिन मुख्तार अंसारी के परिजनों ने सुरक्षा में खतरा होने का हवाला देकर आने से इनकार कर दिया था और अपने वकील को सामान की सुपुर्दगी के लिए नामित किया है, जेल अधीक्षक का कहना है कि न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए पूरी विधिक प्रक्रिया के तहत मुख्तार अंसारी के परिजनों को बुलाकर जल्द ही उनका सामान उन्हें सौंप दिया जाएगा।
