टीएन शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आवाहन पर शहर कांग्रेस कमेटी प्रयागराज के शहर अध्यक्ष प्रदीप मिश्र अंशुमन के नेतृत्व में आज प्रयागराज के ऐतिहासिक शहीद स्थल चंद्रशेखर आजाद पार्क में देश की आजादी के लिए शहीद हुए अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद जी की मूर्ति पर कांग्रेस जन एकत्रित होकर महत्वपूर्ण विषय कारगिल युद्ध को विजय दिवस के साथ मनाते हैं और पूरे भारत में प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को ही यह दिवस मनाया जाता है। क्योंकि इसी दिन भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध प्रारंभ हुआ था जो लगभग 60 दिनों तक चला था, और इस कारगिल युद्ध के दौरान देश की सीमा सुरक्षा के लिए सेना के कई जवानों ने सीमा रेखा पर दुश्मनों से बहादुरी के साथ लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी इसलिए वीर जवानों की शहादत की याद में हर साल कारगिल युद्ध को विजय दिवस के रूप मनाया जाता है और कारगिल युद्ध में शहीद हुए देश की सेना के जवानों को सलाम करते हुए उन्हें ह्रदय से श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
वही श्रद्धांजलि दिवस पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप मिश्र अंशुमन ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज देश की गरिमा और मर्यादा के देश की सुरक्षा को बचाने में सबसे पहले किसी शब्द का नाम आता है तो लोग कहते हैं कि हमारे देश की सेना एक जैसी शाखा जो हमेशा ही अपनी बहादुरी के परचम लहराया करती है इसलिए देश के ऊपर जब भी संकट की घड़ी आती है तब तब लोग देश की सेना को ही याद करते हैं।क्योंकि सेना ही एक ऐसा स्तंभ है जो हर प्रकार से देश की आजादी,सुरक्षा, और देश की मर्यादा को बचाने में कामयाब स्तंभ है। इसी क्रम में शहर अध्यक्ष अंशुमन ने यह भी कहा कि हमारे देश की सेना वह नायाब हीरा है जिसने इसके पहले भी भारत की प्रधानमंत्री स्व श्रीमती इंदिरा गांधी के कुशल कार्यकाल में जब देश के ऊपर दुश्मन देश के द्वारा हमला किया गया था तब हमारी सेना के ही जवानों ने अपने जान की बाजी लगाकर दुश्मन देश को परास्त करके दुश्मन देश की सेना को अपने घुटनों पर झुका कर देश की आन बान शान को बढ़ाया था जिस पर हम सबको आज भी गर्व महसूस होता है और उसी के नतीजे में आज हमारे बीच में एक देश ऐसा भी है जिसे हम सभी लोग बंगलादेश के नाम से जानते हैं।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदीप मिश्र अंशुमन, रघुनाथ द्विवेदी राजेश राकेश, इरफ़ान,प्रवीण सिंह भोले, दिवाकर भारतीय, विनय पांडेय,श्याम जी शुक्ला, विवेक पांडे, विशाल सोनकर, नफीस कुरेशी, इश्तियाक अहमद, राकेश श्रीवास्तव, सत्येंद्र बहादुर, अजेंद्र गौड़, अरविन्द पांडेय, कामेश्वर सोनकर, अंजुम नाज़, दरक्षा कुरैशी, रचना पांडेय, आफरीन खान, संतोषनंद महाराज, इरशाद उल्ला, अब्दुल कलाम आजाद, राज कुमार शुक्ला आदि लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे।










