उत्कृष्ट प्लानिंग, प्रभावी विभागीय समन्वय व रेल कर्मियों के समर्पण और कर्मठता का अनूठा उदाहरण – डीडीयू मंडल
धर्मेंद्र प्रजापति की रिपोर्ट
चंदौली। पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल (डीडीयू मंडल) भारतीय रेल के अति व्यस्त रेल मंडलों में से एक है और निरंतर सुधार करते हुए ट्रेनों के परिचालन में समय पालन की नई उपलब्धियां बना रहा है ।
24 जुलाई 2025 को पूरे मंडल में संचालित सभी 154 मेल/एक्सप्रेस गाड़ियों का संचालन शत प्रतिशत (100%) समय पर किया गया। यह उपलब्धि जुलाई माह में दूसरी बार हासिल की गई है — इससे पूर्व 5 जुलाई को भी डीडीयू मंडल ने इसी तरह का प्रदर्शन किया था और भारतीय रेल स्तर पर सभी मंडलों में प्रथम स्थान अर्जित किया।
रेलवे बोर्ड के निरंतर निगरानी, पूर्व मध्य रेल, हाजीपुर के दैनिक दिशा निर्देश, मंडल रेल प्रबंधक, डीडीयू मंडल के मार्गदर्शन एवं वरीय मंडल परिचालन प्रबंधक श्री केशव आनंद के प्रभावी प्रबंधन से डीडीयू मंडल ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है।
इस सफलता में परिचालन विभाग की केंद्रीय भूमिका रही है। यह परिचालन विभाग के अन्य विभागों के नियंत्रण कक्ष एवं फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों के कर्मठ और समन्वित प्रयासों का प्रतिफल है। उल्लेखनीय है कि एक ट्रेन के सुगम परिचालन में कई घटक शामिल होते हैं, जैसे – शामिल प्रत्येक स्टेशन, लेवल क्रासिंग, सिग्नल उपकरण, ट्रैक का रखरखाव, ट्रेन के लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, आवश्यक इलेक्ट्रिक उपलब्धता आदि I टीम वर्क कि विशालता एवं प्रबंधन इस तथ्य से भी समझा जा सकता है कि एक ट्रेन को गया से डीडीयू स्टेशन के मध्य परिचालन में प्रत्यक्ष रूप से करीबन 350 रेल कर्मचारियों एवं अधिकारीयों का ससमय सक्रिय एवं नियमपूर्वक रेल परिचालन में योगदान रहता हैI
24 जुलाई को मंडल में कुल 154 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन बिना किसी विलंब के किया गया। इनमें 11 राजधानी, 2 गरीब रथ, 10 वंदे भारत, 1 दूरंतो, 64 मेल एक्सप्रेस, 60 सुपरफास्ट एवं 4 जनशताब्दी ट्रेनें शामिल थीं। 24 जुलाई को कुल मिलाकर 566 गाड़ियों का संचालन सफलतापूर्वक किया गया, जिनमें 313 मालगाड़ियाँ, 154 मेल/एक्सप्रेस और 99 पैसेंजर गाड़ियाँ शामिल थीं।
यह उपलब्धि समर्पण, समन्वय एवं सशक्त नेतृत्व क्षमता का उल्लेखनीय उदाहरण है। मंडल भविष्य में भी इसी तरह के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रतिबद्ध है।










