एम्स भोपाल में ब्रेन डेड युवक के अंगदान से पाँच मरीजों को मिला नया जीवन।

एम्स भोपाल में ब्रेन डेड युवक के अंगदान से पाँच मरीजों को मिला नया जीवन।

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देवेन्द्र कुमार जैन की रिपोर्ट

भोपाल, मध्य प्रदेश। एम्स भोपाल में ब्रेन डेड युवक के अंगदान से पाँच मरीजों को मिला नया जीवन। एम्स भोपाल में 37 वर्षीय ब्रेन डेड मरीज द्वारा हार्ट, दो किडनी और दो कॉर्निया दान किए जाने से पाँच मरीजों को नया जीवन मिला।मरीज का हार्ट 41 वर्षीय मरीज में प्रत्यारोपित किया गया, जो एम्स भोपाल का तीसरा सफल हार्ट ट्रांसप्लांट था।एक किडनी का प्रत्यारोपण एम्स भोपाल में 30 वर्षीय मरीज में किया गया, दूसरी किडनी बंसल अस्पताल भेजी गई, साथ ही दो कॉर्निया से दो मरीजों को दृष्टि मिलेगी।

एम्स भोपाल के इतिहास में दूसरी बार पोस्टमार्टम की प्रक्रिया सीधे ऑपरेशन थियेटर (ओटी) में की गई, जिससे अंग निष्कर्षण समय पर और विधिसम्मत रूप से संभव हो सका।इस हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और एम्स भोपाल द्वारा प्रदान की गई। अंगदान के उपरांत मुख्यमंत्री द्वारा घोषित प्रोटोकॉल के अनुसार पुलिस दल एवं एम्स भोपाल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जो समाज में अंगदान के प्रति सम्मान और जागरूकता का प्रतीक रहा।

इस प्रक्रिया को सफल बनाने में कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, एनेस्थीसियोलॉजी, नेत्र रोग, फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी सहित अंग निष्कर्षण और प्रत्यारोपण में जुड़ी सभी टीमों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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