त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। भारतीय सेना ने स्वदेशी रखरखाव क्षमता में हासिल की महत्वपूर्ण उपलब्धि। मुख्यालय मध्य भारत एरिया के तत्वाधान में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, चेओक्की स्थित 508 आर्मी बेस वर्कशॉप ने प्रथम ओवरहॉल किए गए 8×8 यूरो वाहन को सफलतापूर्वक रोल आउट किया है। यह उपलब्धि भारतीय सेना की स्वदेशी रखरखाव क्षमताओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
यह ऐतिहासिक उपलब्धि जटिल एवं महत्वपूर्ण सैन्य प्लेटफॉर्मों के रखरखाव में कॉर्प्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (ईएमई) की बढ़ती तकनीकी दक्षता, नवाचार क्षमता तथा समर्पण को प्रदर्शित करती है। इस वाहन का सफल ओवरहॉल आत्मनिर्भर एवं स्वदेशी समाधानों के माध्यम से परिचालन तत्परता को बढ़ाने के प्रति सेना की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

यह उपलब्धि सैनिकों की व्यावसायिक दक्षता, तकनीकी उत्कृष्टता एवं समर्पण का प्रमाण है तथा तकनीकी रूप से उन्नत एवं आत्मनिर्भर रक्षा बल के निर्माण के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है। यह मील का पत्थर रक्षा रखरखाव एवं सैन्य संसाधनों के दीर्घकालिक संधारण के क्षेत्र में स्वदेशी क्षमताओं को निरंतर विकसित करने के भारतीय सेना के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाता है।










