ATरिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्य प्रदेश
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में समय-सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों की सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों और समय-सीमा में प्राप्त पत्रों की समीक्षा कर उनका समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिये गये। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने विभागों में लंबित सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों का समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करें। उन्होंने विशेष रूप से 100 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों का उल्लेख करते हुए उनका निराकरण शीघ्र-अति शीघ्र सुनिश्चित करने निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। कलेक्टर ने राजस्व अभियान में आई प्रगति की सराहना की और अधिकारियों को इसे निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, अवैध कॉलोनियों से संबंधित प्रकरणों पर कड़ी नजर रखते हुए, इनका शीघ्र निपटारा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध कॉलोनियों के मामलों की प्रभावी निगरानी और समाधान के लिए एक ‘कॉलोनी सेल’ का गठन किया जाए, जिससे इस प्रकार के मामलों का उचित और समयबद्ध समाधान हो सके। कलेक्टर ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाले प्रकरणों की प्रगति की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी प्रकरण निर्धारित समय-सीमा के बाहर न जाए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि प्रत्येक विभाग अपनी-अपनी योजनाओं और प्रकरणों की नियमित समीक्षा करे और प्रगति की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करे। इसके साथ ही माता- पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम 2007 की विस्तार से जानकारी दी गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि लोक कल्याण शिविरों में उनकी उपस्थिति अनिवार्य है और इन शिविरों में प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए, ताकि आम जनता को अधिकतम राहत मिल सके। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को जोर देकर कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर तरीक़े से किया जाये, जिससे जनता तक इनका लाभ प्रभावी रूप से पहुँचे और जिले में प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित की जा सके।











