डीडीयू इलेक्ट्रिक लोको शेड में बड़ा हादसा, क्रेन की पुली गिरने से कर्मचारी गंभीर घायल, आक्रोशित कर्मचारियों ने किया टूल डाउन।

डीडीयू इलेक्ट्रिक लोको शेड में बड़ा हादसा, क्रेन की पुली गिरने से कर्मचारी गंभीर घायल, आक्रोशित कर्मचारियों ने किया टूल डाउन।

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धर्मेंद्र प्रजापति की रिपोर्ट

चंदौली। डीडीयू इलेक्ट्रिक लोको शेड में बड़ा हादसा, क्रेन की पुली गिरने से कर्मचारी गंभीर घायल, आक्रोशित कर्मचारियों ने किया टूल डाउन। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय)। डीडीयू इलेक्ट्रिक लोको शेड में शनिवार सुबह एक बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। क्रेन की पुली गिरने से रेलवे कर्मचारी प्रमोद कुमार यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे लोको शेड में कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया। कर्मचारियों ने काम बंद (टूल डाउन) कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे में प्रमोद कुमार यादव के सिर पर क्रेन की पुली गिर गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। उन्हें पहले रेलवे लोको अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें तत्काल एपेक्स अस्पताल रेफर कर दिया। कर्मचारियों का दावा है कि उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही अलीनगर पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान लगभग 500 की संख्या में कर्मचारी एकत्र होकर धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

ईसीआर कर्मचारी संगठन के शाखा सचिव आई.बी. मिश्रा ने आरोप लगाया कि लोको शेड में कई वर्षों से क्रेन चालक के पद रिक्त हैं और क्रेनों का रखरखाव निजी एजेंसी को सौंप दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि जर्जर हो चुकी लगभग 50 वर्ष पुरानी क्रेन से जबरन काम कराया जा रहा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों पर लगातार कार्य का दबाव बनाया जाता है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है।

घायल कर्मचारी के सहकर्मी अरुण कुमार यादव ने बताया कि लोको शेड में लगी क्रेनें काफी पुरानी और जर्जर हैं। उनका कहना था कि यदि समय रहते इन्हें नहीं बदला गया तो भविष्य में और भी गंभीर हादसे हो सकते हैं। उन्होंने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, जर्जर उपकरणों को बदलने और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। धरने में शामिल महिला कर्मचारी अनीता देवी ने कहा कि जब तक कर्मचारियों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जाती और न्याय नहीं मिलता, तब तक सभी कर्मचारी काम बंद रखेंगे। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों और डीआरएम को दे दी गई है तथा अधिकारी मौके का निरीक्षण भी कर चुके हैं।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो लोको शेड से इंजनों का संचालन प्रभावित हो सकता है, जिससे रेल परिचालन पर भी असर पड़ने की संभावना है।

घायल कर्मचारी की चिकित्सकीय स्थिति, हादसे के कारण तथा कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि रेलवे प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक नहीं की गई थी। रेलवे प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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