सदस्य उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग ने गो संरक्षण एवं अनुश्रवण समिति के अधिकारियों-पदाधिकारियों के साथ की बैठक।

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गौवंशों के लिए भूसा-चारा, हरे चारे, पीने के पानी की समुचित व्यवस्था के सुनिश्चित किए जाने के दिए निर्देश

त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट

प्रयागराज। सदस्य उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग ने गो संरक्षण एवं अनुश्रवण समिति के अधिकारियों-पदाधिकारियों के साथ की बैठक। उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के सदस्य रमाकान्त उपाध्याय की अध्यक्षता में मंगलवार को विकास भवन के यमुना सभागार में गो संरक्षण एवं अनुश्रवण समिति के अधिकारियों-पदाधिकारियों के साथ गोवंश संरक्षण एवं अनुश्रवण विषयक बैठक आयोजित की गयी। बैठक में सदस्य के द्वारा गौशालाओं में सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित बनाये रखने तथा गौवंशों के उचित देखभाल के सम्बंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सदस्य ने गौआश्रय स्थलों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाये रखने तथा गौवंशों की ईयर टैगिंग शत-प्रतिशत कराये जाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि निराश्रित गौवंश आश्रय स्थलों पर गौवंशों के लिए भूसा-चारा, प्रकाश तथा पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित रहे। उन्होंने सभी गौशालाओं में उनमें रह रहे गौवंशों की संख्या के अनुसार बड़े क्षेत्रफल में हरे चारे की बुआई कराये जाने तथा प्रत्येक गौवंश को हरे चारे की भी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के लिए कहा है। उन्होंने हरे चारे की उपलब्धता न होने पर चोकर की मात्रा बढ़ाये जाने के लिए कहा है। उन्होंने गौशालाओं में दिए जाने वाले पशुआहार को निर्धारित गुणवत्ता का मानक पूर्ण करने वाले ब्रांण्ड का ही पशुआहार क्रय करने के कहा है।

उन्होंने गौवंशों का टीकाकरण कराने तथा पशुचिकित्साधिकारियों के द्वारा नियमित अंतराल पर निराश्रित गौवंश आश्रय स्थलों का भ्रमण करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि यदि कोई गौवंश बीमार अथवा कमजोर है, तो उसके लिए अलग व्यवस्था करते हुए उसका उचित उपचार व चारे की व्यवस्था की जाये। उन्होंने सहभागिता योजना के अन्तर्गत ज्यादा से ज्यादा गोवंशों को गोद लिए जाने के लिए कहा है। उन्होंने ग्राम प्रधान व सचिव को समय पर फण्ड रिक्वेस्ट किए जाने तथा समय पर सभी भुगतानों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने हरे चारे की बुआई के क्षेत्रफल की जानकारी ली, जिसपर बताया गया कि गौशालाओं की 60हे0 भूमि पर हरे चारे की बुआई की गयी है तथा 72हे0 में हरे चारे की बुआई करायी जायेगी, जिसपर मा0 सदस्य जी के द्वारा नेपियर घास की बुआई कराये जाने के लिए कहा गया। उन्होंने गौशालाओं में नंदियों के लिए अलग व्यवस्था किए जाने के लिए कहा है।

उन्होेंने गौवंश संरक्षण में अच्छा कार्य करने वाले संगठनों को भी गौशालाओं में संरक्षित गौवंशों के लिए कार्य करने हेतु बढ़ावा दिए जाने के लिए कहा है। उन्होंने सभी गौशालाओं में आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने हेतु क्षमता के अनुरूप गौवंशो को रखे जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने चाका ब्लाक में भी एक गौआश्रय स्थल बनाये जाने के लिए जमीन चिन्हित करने के लिए कहा है। उन्होंने सभी गौवंशों का समय-समय पर चिकित्सकीय परीक्षण करते हुए दवाएं उपलब्ध कराये जाने के लिए कहा है। उन्होंने गौशालाओं में पीने के पानी के टैंको की दीवारों पर चुने की पुताई कराये जाने के लिए कहा है।

बैठक में मा0 सदस्य ने गौशालाओं में आंधी से क्षतिग्रस्त हुई टीन शेडो को मानसून के दृष्टिगत जल्द से जल्द ठीक कराये जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि मानसून के मौसम में कोई भी गौवंश कीचड़ में न रहे, इसलिए गौशालाओं में समुचित स्थान पर कीचड़ से बचाव के लिए पक्की ईट बिछायें जाने अथवा ऊंचे स्थान की व्यवस्था करने के लिए कहा है।

बैठक में मा0 सदस्य ने गौशालाओं से निकलने वाले गोबर व गौमूत्र की उपयोगिता को बढ़ाये जाने तथा नवाचारों का प्रयोग करते हुए स्वयं सहायता समूहों व अन्य संगठनों के माध्यम से गौशालाओं की आय को बढ़ाये जाने का प्लान बनाने के लिए कहा है।

इस अवसर पर अपर निदेशक ग्रेड-2 पशुपालन विभाग अनिल कुमार, जिला विकास अधिकारी जी0पी0 कुशवाहा, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ0 शिवनाथ यादव सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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