त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। सेवा पर्व के तहत उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार ने मंगलवार को महात्मा गांधी कला विथिका में चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया। ‘विकसित भारत के रंग, कला के संग’ थीम पर आधारित इस प्रदर्शनी में प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली और आगरा में हुई चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। प्रदर्शनी में प्रयागराज के कलाकरों द्वारा बनाई गई पेंटिग्स प्रदर्शित की गईं।

उद्घाटन ललित कला अकादमी, लखनऊ के उपाध्यक्ष गिरीश चन्द्र मिश्रा एवं निरंजन पाण्डा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने प्रदर्शनी को निहारते हुए कहा कि, “कलाकार समाज का दर्पण होते हैं। उनके द्वारा कैनवास पर उउकेरी गई झलकियाँ विकसित भारत की दिशा में हमारी सोच और संकल्प को और सशक्त बनाती हैं।”
कला विथिका की दीवारों पर सजे कैनवास में जहाँ कहीं उज्ज्वल भविष्य की तस्वीर थी तो कहीं स्वच्छ भारत, आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रगति का प्रतीकात्मक चित्रण। मुख्य अतिथियों ने कलाकारों की कल्पनाशीलता और रचनात्मकता की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा ने उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब हम सब मिलकर शिक्षा, संस्कृति और विकास के हर क्षेत्र में समग्र प्रयास करेंगे।”
इस अवसर पर केंद्र के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।










