त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। सनातन धर्म की रक्षा विश्व जनकल्याण सम्पूर्ण मनोकामना पूर्ति हेतु जारी अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण अभिषेक एवं विसर्जन महायज्ञ भक्तिमय भजन संध्या एवं महाशिवपुराण कथा का कार्यक्रम नैतिक विकास शोध संस्थान सेवा ट्रस्ट प्रयाग के तत्वावधान में त्रिवेणी बाँध स्थित रामजानकी मन्दिर के बगल नागा बाबा की गुफा के सामने पूरे विधि विधान के साथ 27वें दिन भी अनवरत जारी।
आज के मुख्य जजमान के रूप में चन्द्र बिहारी पाण्डेय सपत्नीक, राजेन्द्र पाण्डेय सपत्नीक एवं उत्कर्ष पाण्डेय, सी पी शर्मा क्लासेज के डॉ सी पी शर्मा सपत्नीक ने उपस्थित हो कर बारी बारी से पार्थिव शिवलिंग का अभिषेक करते हुए पूजन आरती किया।
यज्ञ संयोजक एवं संस्था के संस्थापक अध्यक्ष श्याम सूरत पाण्डेय ने कहा की यह भगवान भोलेनाथ का अत्यंत प्रिय मास है, क्योंकि ईश्वर की आराधना के लिए सावन सबसे प्रिय मास हैl भगवान शिव शक्ति का स्वरूप हैं। शिव में सनातन संस्कृति का दर्शन समाहित है। शिव चेतना की समस्त अवस्थाएं (जागृत, निंद्रा व स्वप्न) से ऊपर हैं। इनकी चेतना की अवस्था समाधि है। जब व्यक्ति व जीव के अंदर ईश्वर देखने की इच्छा जाग्रत होती है तो वह समाधि लेता है। समाधि की उस परम अवस्था को शिवत्व कहते हैं। शिवलिंग की पूजा निराकार से साकार को प्राप्त करने का सशक्त माध्यम है। शिव को प्राप्त करने के लिए शिवलिंग की साधना की जाती है। शिवलिंग जल, पंचमहाभूत-पृथ्वी, अग्नि, वायु और आकाश का प्रतीक है। वास्तव में शिव पूजन नहीं, बल्कि दर्शन के पर्याय हैं।
संस्था के प्रवक्ता एवं महासचिव सत्य प्रकाश पाण्डेय ने समस्त शिवभक्तों से यज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भगवान शिव के कृपा पात्र बनने की अपील किया।
पूरे सावन तक अनवरत चलने वाले कार्यक्रम के 27वें दिवस में मुख्य रूप से आचार्य पवन देव जी महाराज, डॉ सत्या पाण्डेय, अपर्णा द्विवेदी, जय प्रकाश पाण्डेय, विजयानन्द तिवारी, लोकेश मिश्रा, प्रमोद शुक्ला, राजेन्द्र तिवारी दुकान जी, मनोज मिश्रा, रितु राज पांडे, सिद्ध बाबा, बृजेन्द्र त्रिपाठी, कुमारी रचना त्रिपाठी, अधिवक्ता सुरेन्द्र नारायण मिश्रा, अधिवक्ता सत्य प्रकाश पाण्डेय, अमित सिंह, संजय मिश्रा, आशा पाण्डेय, विनय सिंह उर्फ बड़कू, जितेन्द्र पाल, रामबाबू मिश्रा, मधुबाला पाण्डेय सहित सैकड़ों भक्तगण उपस्थित रहे।










