वर्ल्ड फूड इण्डिया-2025 में उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या मे प्रतिभाग करेगे, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के प्रतिनिधि।

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न्यूज ऑफ इंडिया (एजेंसी)

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन मे उत्तर प्रदेश मे खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिए जहां खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना, उन्नयन, आदि के लिये उत्तर प्रदेश की खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के तहत अनेक सुविधाएं व अनुदान दिये जाने के प्राविधान किये गये हैं, वहीँ अनुसूचित उत्पादों के निर्यात संवर्धन और विकास के लिए
सहयोग प्रदान करने की दिशा मे कदम उठाये जा रहे हैं।

उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय

लखनऊ के स्थित सभागार में बुधवार को बी.एल. मीणा, अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उ०प्र० शासन की अध्यक्षता में चेयरमैन एपीडा, विभागीय अधिकारियों एवं उद्यमियों के मध्यम एक बैठक आयोजित की गयी, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप मे अभिषेक देव, चेयरमैन, एपीडा उपस्थित रहे।
चेयरमैन, एपीडा, अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, उ०प्र० शासन तथा विभागीय अधिकारियों द्वारा निदेशालय उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के प्रांगण में वृक्षारोपण का। कार्यक्रम सम्पन्न किया गया।
बैठक में उद्यमियों द्वारा खाद्य प्रसंस्करण से सम्बन्धित उत्पादों के देश/विदेश स्तर पर निर्यात में हो रही समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। उद्यमियों द्वारा उठाये गये बिन्दुओं पर एपीडा के उपस्थित अधिकारियों द्वारा मार्गदर्शन किया गया।

बी.एल. मीणा, अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि उप मुख्यमन्त्री के नेतृत्व मे खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विभाग सतत प्रयासरत है, जिससे कृषकों की आय में वृद्धि हो सके तथा प्रदेश में अधिक से अधिक रोजगार का सृजन हो सके।

बैठक में उपस्थित उद्यमियों द्वारा अवगत कराया गया कि यूरोपियन कन्ट्रीज, गल्फ कन्ट्रीज एवं यू.एस.ए. में अलग-अलग खाद्य पदार्थों के अलग-अलग मानक निर्धारित कर रखे है, जिनकी जानकारी के आभाव में उद्यमियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिस पर अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, उ०प्र० शासन द्वारा एपीडा के चेयरमैन से अपेक्षा की गयी कि प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों एवं औद्यानिक उत्पादों के निर्यात में सुगमता हेतु समस्त जानकारी देने के लिए तकनीकी सलाहकार उद्यान विभाग में एपीडा द्वारा तैनात कराने की आवश्यकता है। उप निदेशक, (खा०प्र०) द्वारा उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 योजनान्तर्गत मिलने वाली निर्यात सब्सिडी के बारे में उद्यमियों को अवगत कराया गया।

चेयरमैन एपीडा द्वारा अपेक्षा की गयी

25 से 28 सितम्बर, 2025 के मध्य प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड फूड इण्डिया-2025 में अधिक से अधिक संख्या में उद्यमियों को प्रतिभाग कराने हेतु उद्यमियों को आमंत्रित किया जाय। अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, उ०प्र० शासन द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ल्ड फूड इण्डिया-2025 में प्रतिभाग करने हेतु 25 उद्यमियों का पंजीकरण करा दिया गया है। विभाग द्वारा बी-2 बी एवं बी-2 जी मीटिंग तथा सेमिनार कराया जायेगा।

ज्ञातव्य है कि एपीडा (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) है।भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत एक वैधानिक निकाय है, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना है।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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