लखीसराय, बिहार। विश्व गोरैया दिवस पर पर्यावरण भारती द्वारा किया गया पौधारोपण हुआ। पौधारोपण का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी विवेक कुमार ने किया। पौधारोपण में नवीन कुमार का सहयोग प्राप्त हुआ। पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि संसार में जैव विविधता के लिए छोटे पक्षियों का रहना अनिवार्य है। गोरैया इको सिस्टम के लिए आवश्यक है। ये कीड़े-मकोड़ों को खाकर उनकी संख्या को नियंत्रित करती है।
20 मार्च 2010 को पहली बार ” विश्व गोरैया दिवस ” मनाया गया। पक्षी संरक्षण संगठन–” नेचर फाॅर एवर” द्वारा आयोजित किया गया था। विश्व गोरैया दिवस 50 से अधिक देशों में मनाया जाता है। 2012 में दिल्ली सरकार ने ” गोरैया ” को राज्य पक्षी घोषित किये। विश्व गोरैया दिवस का उद्देश्य है—” गोरैया को बचाना और मानव को गोरैया के प्रति जागरूक करना है।
संसार के मानव अधिक उपजने के लिए खेतों में अत्यधिक कीटनाशक डालते हैं। अतः जब खेतों में जहरीले कीट– पतंग गोरैया खाती है,तो गोरैया की मौत हो जाती है।
1980 के दशक में अधिक गोरैया थे। परन्तु वर्तमान समय में 80 % गोरैया घट गए हैं। गोरैया को बाज पक्षी मार डालते हैं। इसलिए आँगन में झाड़ीदार पौधे लगाना चाहिए। शमी, बबूल,नींबू के पौधों पर गोरैया का निवास होता है। अतः आँगन में शमी का पौधा अवश्य लगायें। इससे गोरैया का संरक्षण व संवर्धन होगा। घरों के आसपास गोरैया के लिए दाना पानी रखें। खेतों में कीटनाशक नहीं डालें। ऐसे सुअवसर पर पौधारोपण स्मरणीय कार्य है।
पर्यावरण भारती के संस्थापक पौधारोपण कार्यक्रम में विवेक कुमार, नवीन कुमार,राजेश साह, संगीता कुमारी,जीयांशू कुमार,अंकित कुमार ,संतोष कुमार ,राम बिलास शाण्डिल्य, सदन प्रसाद, सागर महतों , प्रेम प्रकाश इत्यादि ने भाग लिए।










