कोई खरीद रहा ‘आपका भविष्य आपके हाथों में’, तो कोई देख रहा ‘महंगी कविता’, बच्चों के लिए दो दिवसीय ‘रंगमंच’ प्रतियोगिता आज से शुरू
त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। महाकुंभ-2025 की थीम पर आधारित दस दिवसीय पुस्तक मेला जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, पुस्तक प्रेमियों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। ज्ञान के इस महाकुंभ में हर आयु वर्ग के लोग गोता लगाते नजर आ रहे हैं। सोमवार को चौथे दिन भी मेले में भारी भीड़ उमड़ी।
सिविल लाइंस स्थित एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज के मैदान में चल रहे पुस्तक मेले में राजपाल एंड संस, दिल्ली के स्टॉल पर मुंबई, कोलकाता, दिल्ली और आगरा की कहानियों को समेटने वाली बुकलेट्स की खासी मांग है। इन बुकलेट्स में शहरों की कहानी रंगीन चित्रों के माध्यम से जीवंत हो उठती है। अतीत से वर्तमान तक की यात्रा कराती ये बुकलेट्स बच्चों और वयस्कों के लिए समान रूप से जानकारीपूर्ण हैं। स्टॉल के प्रतिनिधि रोहित ने बताया कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 2014 में प्रकाशित पुस्तक ‘आपका भविष्य आपके हाथों में’ अब भी बेस्टसेलर बनी हुई है। साथ ही डॉ. हरिवंश राय बच्चन की ‘मधुशाला’ का आकर्षण भी बरकरार है।
नई पुस्तकों में सुधीर विद्यार्थी की ‘बिदाय दे मा!’ और मनीषा कुलश्रेष्ठ की आदिवासी स्त्री-संघर्ष पर आधारित कहानी संग्रह ‘वन्या’ पाठकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।
वाणी प्रकाशन के स्टॉल पर धर्मवीर भारती की प्रसिद्ध पुस्तक ‘गुनाहों के देवता’ और यतीन्द्र मिश्र की ‘गुलजार साब: हजार राहें मुड़ के देखीं….’ चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। वहीं, इस बार स्टॉल पर खास आकर्षण है भारतीय मूल के लेखक ओमा द अक् की पुस्तक ‘महंगी कविता’। इस पुस्तक की खासियत यह है कि इसके पन्नों पर सोने का आवरण चढ़ा हुआ है, और कवर को मखमली बनाया गया है।
लेखक ने पुस्तक के पहले पन्ने पर लिखा है:
“जैसे निर्धन की आवश्यकता, प्रेमी की नींद, रोगी की जीवटता, भोगी की भक्ति, योगी की शक्ति, और क्रांति की आग महंगी है, वैसे ही मेरी कविताएं भी बहुत महंगी हैं।” इस पुस्तक की कीमत ₹25,000 है। वाणी प्रकाशन के प्रतिनिधि योगेंद्र ने बताया कि इसे देखने और पढ़ने वाले बहुत हैं, लेकिन ऊंची कीमत के कारण खरीदने वाले कम हैं। फिर भी, प्रकाशन के मुख्यालय से इसकी निरंतर मांग बनी हुई है।
खान-पान के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र
मेले के संयोजक मनोज सिंह चंदेल ने बताया कि पुस्तकों के अलावा यहां पुस्तक प्रेमियों के लिए खान-पान के भी विशेष स्टॉल लगाए गए हैं। मेले का आयोजन फोर्सन बुक्स और बुकवाला द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। यह हर दिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहता है।
‘रंगमंच 2.0’ प्रतियोगिता आज से
सह-संयोजक मनीष गर्ग ने बताया कि इस वर्ष भी बच्चों के लिए ‘रंगमंच 2.0’ प्रतियोगिता का आयोजन 24 और 25 दिसंबर को किया जा रहा है। तीन वर्गों में विभाजित इस प्रतियोगिता में फेस पेंटिंग, ड्राइंग और पेंटिंग, और हिंदी या अंग्रेजी में निबंध लेखन शामिल हैं। 7 से 18 वर्ष तक के छात्र-छात्राएं इसमें भाग ले सकते हैं। प्रतियोगिता निःशुल्क है, और प्रतिभागी अपनी प्रविष्टियां दोपहर 12 बजे तक ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं। विजयी प्रतिभागियों को 30 दिसंबर को मेले के सांस्कृतिक मंच पर पुरस्कृत किया जाएगा।










