नृत्य-नाटिका ने दर्शकों का मन मोहा।

नृत्य-नाटिका ने दर्शकों का मन मोहा।

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त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट

प्रयागराज। नृत्य-नाटिका ने दर्शकों का मन मोहा। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित नाद-ब्रह्म शिल्प मेले में शनिवार की शाम नृत्य और संगीत के अद्भुत संगम की साक्षी बनी। सुगम संगीत, कथक नृत्य और लोकगायन की मनोहारी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरा परिसर सुर–ताल व भक्ति भाव से सराबोर हो उठा।

सुगम संगीत की प्रस्तुति में अनिल कुशवाहा ने “अनगिन प्यासे जीवन पलते गंगा तेरे सहारे”, “लगाले प्यारे राम” तथा “बोलो राम जै-जै राम” जैसे भजनों की भावपूर्ण गायन से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके उपरांत मुक्ति शर्मा ने “आये न बलम, हम माघ महिनवा में गंगा नहाइव” की प्रस्तुति देकर श्रोताओं से भरपूर तालियां बटोरीं। कार्यक्रम की अगली कड़ी में प्रस्तुत सामूहिक कथक नृत्य ने दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गरिमा और सौंदर्य से परिचित कराया। वहीं आयोजित नृत्य प्रतियोगिता में आठ प्रतिभागियों ने अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम अधिशासी मधुकांक मिश्रा ने सभी कलाकारों को अंगवस्त्र एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया। जबावी बिरहा में सुमन कुमार, शिवराज विश्वकर्मा, राजित राम, सुभाष चंद्र यादव, इंद्रवीर सिंह यादव एवं राम प्रसाद यादव ने बिरहा गायन की सशक्त प्रस्तुति देकर लोक संस्कृति की छवि प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन मिस्बाह नासिर ने किया। इस अवसर पर केद्र के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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