मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा की रिपोर्ट
रामपुर। रामपुर जिला अस्पताल में नवजात की मौत, परिजनों ने किया हंगामा। रामपुर जिला अस्पताल उस वक्त हंगामे का केंद्र बन गया, जब नवजात बच्ची मुस्कान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया, मिली जानकारी के अनुसार, नवजात मुस्कान का जन्म बीते रविवार को रामपुर जिला अस्पताल में हुआ था। जन्म के महज दो दिन बाद, मंगलवार सुबह करीब 7 बजकर 30 मिनट पर बच्ची की अस्पताल में ही मौत हो गई।
मृतका के पिता नावेद का आरोप है कि उनकी बच्ची पूरी तरह स्वस्थ थी। आरोप है कि अस्पताल में टीकाकरण के बाद बच्ची की हालत अचानक बिगड़ने लगी, लेकिन समय रहते सही इलाज नहीं दिया गया। नावेद का कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही के चलते उनकी नवजात बच्ची की जान चली गई।परिजनों का कहना है कि टीकाकरण के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ती चली गई और बार-बार शिकायत करने के बावजूद डॉक्टरों ने गंभीरता नहीं दिखाई। इसी लापरवाही के कारण बच्ची की मौत हुई।
वहीं इस पूरे मामले में अस्पताल प्रशासन ने सभी आरोपों को खारिज किया है। रामपुर जिला अस्पताल के सीएमएस [नाम] का कहना है कि बच्ची की मौत किसी चिकित्सकीय लापरवाही से नहीं हुई। सीएमएस के अनुसार, बच्ची की दादी ने फीडर से दूध पिलाया था, इसी दौरान दूध बच्ची की सांस की नली में चला गया, जिससे उसे सांस लेने में परेशानी हुई और उसकी मौत हो गई।घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है।
परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब सवाल यह है कि नवजात मुस्कान की मौत लापरवाही का नतीजा थी या एक दुर्भाग्यपूर्ण चिकित्सकीय घटना।










