त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। तीरथराज प्रयाग में लगा माघ पर्व का मेला, चलो जी चलो आज संगम नहाए” पर झूमे श्रोता। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित नाद-ब्रह्म शिल्प मेले के अंतर्गत शुक्रवार को हुई सांस्कृतिक संध्या भक्ति, लोकगीत और नृत्य की भावविभोर कर देने वाली प्रस्तुतियों से सराबोर रही। भजन गायक मनोज गुप्ता ने अपनी सुमधुर वाणी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने “विनती सुनिए हनुमान लला”, “ई चमक ई दमक कलियन मा महक”, “तीरथराज प्रयाग में लगा माघ पर्व का मेला, चलो जी चलो आज संगम नहाए”, “चढ़ता सूरज धीरे-धीरे ढलता है” तथा “मेरी चौखट पर चलकर आज चारों धाम आए हैं” जैसे लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति देकर खूब तालियाँ बटोरीं।
इसके उपरांत बृजेश पाण्डेय ने “गंगा-यमुना-सरस्वती के तट पर लगी है भीड़”, “चलो मन गंगा-यमुना तीर”, “सारी दुनिया खुशी मनाए जब श्रीराम अयोध्या आए”, “सबमें खुशी मची है दीप जले चहुंओरिया में”, “जय जयकार हो तबा अयोध्या नगरिया में” एवं “मिथिला में राम खेलैं होरी” की मनोहारी प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम की कड़ी में आयोजित नृत्य प्रतियोगिता में 11 प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। वहीं जबावी बिरहा में राजू सिंह, सावित्री मौर्या, कौशल्या देवी एवं फूलचंद यादव की प्रस्तुतियों ने लोकसंगीत की जीवंत परंपरा को साकार किया।
कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम अधिशासी मधुकांक मिश्रा ने सभी कलाकारों को पौधा एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। मंच संचालन मिस्बाह नासिर ने किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय, उर्मिला शर्मा, कृति श्रीवास्त्व तथा केंद्र के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।










