हुसैन जिंदाबाद हुसैन जिंदाबाद, कल भी जिंदाबाद थे अब भी जिंदाबाद हैं हुसैन जिंदाबाद है हुसैन जिंदाबाद
तहजीब लियाकत की रिपोर्ट
प्रयागराज। प्रयागराज में मोहर्रम की पांच तारीख को बुड्ढा ताजिया की मेहंदी उठाई गई मेहंदी खुल्दाबाद बैरियर से उठकर बुड्ढा ताजिया ईमाम बाडे पर रखी जाती है मेहंदी नौ बजे उठाई जाती है मेहंदी को बड़े ताजिया की तरह खूबसूरती से सजाया गया है।
मेहंदी खुल्दाबाद बैरियर फटाक से उठकर हुसैन के शेदाइयो कंधे पर गश्त करती है या अली या हुसैन के नारे बुलंद हो रहे थे सड़क के दोनों तरफ हूजूम खचाखच भरा हुआ था औरतें बच्चे छतों बारजे चबूतरे से मेहंदी का दीदार कर रहे थे पूरी रात लंगर होता रहा। ड्रोन सी सी कैमरा से निगरानी की जा रही थी पुलिस प्रशासन ने चक चौबंद इंतजाम किया था।
मोहम्मद शमीम असरार नियाजी इसरार अंसारी अकरम शगुन चांद मियां गुलाम नबी फरहत खान शम्स ताज गुलाम मोहम्मद गुड्डा भाई अनवर निराला असलम महबूब डाबर मोहम्मद आमिर सरफराज अहमद फैयाज अहमद उमर अली ताहा तालिब फैजी जमाल रोमी कलीम दाल दानीहाल नाजिम बॉक्श हजारों अकीदतमंद मेहंदी में शामिल हुए।










