नैतिक विकास शोध संस्थान सेवा ट्रस्ट के तत्वाधान में त्रिवेणी बाँध पर जारी अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण, अभिषेक एवं विसर्जन महायज्ञ 28वें दिन भी अनवरत जारी
प्रयागराज। विश्व जन कल्याण, सर्व मनोकामना पूर्ति एवं भूतभवान भगवान शिव को समर्पित अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण विर्सजन महायज्ञ आज 28वें दिन भी त्रिवेणी बाँध स्थित रामजानकी मन्दिर के बगल नागा बाबा की गुफा के सामने अनवरत जारी रहा। यज्ञस्थल पर आज पत्रकार धीरज कुमार सपरिवार और अधिवक्ता आशीष पाण्डेय ने सपरिवार मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित होकर बारी बारी से भूतभावन भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया।

यज्ञ संयोजक एवं संस्था के संस्थापक अध्यक्ष श्याम सूरत पाण्डेय ने कहा की हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, सावन की उत्पत्ति समुद्र मंथन में हुई है, जिसे ब्रह्मांडीय महासागर के मंथन के रूप में जाना जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान, हलाहल नामक एक घातक जहर उभरा और ब्रह्मांड को बचाने के लिए, भगवान शिव ने जहर पी लिया, जो उनके गले में रह गया, जिससे उनका गला नीला हो गया और उन्हें “नीलकंठ” नाम मिला। संस्था के प्रवक्ता एवं महासचिव सत्य प्रकाश पाण्डेय ने समस्त शिवभक्तों से यज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भगवान शिव के कृपा पात्र बनने की अपील किया।

सम्पूर्ण सावन मास तक अनवरत चलने वाले अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण अभिषेक एवं विसर्जन महायज्ञ के आज 28वें दिन के रुद्राभिषेक आरती एवं विसर्जन में मुख्य रूप से डॉ सत्या पाण्डेय, बृजेन्द्र त्रिपाठी, नागेंद्र शुक्ला, सौरभ मिश्र, कार्तिकेय पाण्डेय, अपर्णा द्विवेदी, राजेन्द्र तिवारी दुकान जी, आशीष दुबे, सत्य प्रकाश पाण्डेय, आकांक्षा पाण्डेय, मधुबाला पाण्डेय, जय प्रकाश पाण्डेय सहित सैकड़ों भक्तगण उपस्थित रहे यज्ञ अनवरत जारी रहेगा।










