एम्स भोपाल में आठवां ज़ोनल पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी कॉन्क्लेव संपन्न राज्यों के प्रतिनिधि हुए शामिल

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ATS रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश

एम्स भोपाल के बाल रोग विभाग ने एपीएनसी 2026 का आयोजन किया, जिसमें कई राज्यों से 128 प्रतिनिधि और संकाय सदस्य शामिल हुए। बच्चों की डायलिसिस और गंभीर गुर्दा रोगों की देखभाल का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण मुख्य आकर्षण रहा।राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति के तहत एम्स भोपाल में एकुलिजुमैब दवा आनुवंशिकी विभाग के माध्यम से निशुल्क उपलब्ध है। मध्यप्रदेश में बच्चों में इसका पहला उपयोग यहीं हुआ और बच्चे अब रोगमुक्ति की स्थिति में है।पिछले कुछ वर्षों में एम्स भोपाल में एचयूएस से पीड़ित 30 बच्चों का उपचार हुआ, जिनमें से 85 प्रतिशत स्वस्थ हैं। सिस्टिनोसिस से पीड़ित बच्चों को भी निशुल्क दवाएं मिल रही हैं। प्रदेश की पहली समर्पित बाल डायलिसिस यूनिट में बीते एक वर्ष में 65 बच्चों की हीमोडायलिसिस हुई और 1,500 से अधिक सत्र संपन्न हुए। एम्स भोपाल की बाल गुर्दा रोग सेवा छह वर्ष के सहयोग के बाद आईएसएन सिस्टर रीनल सेंटर कार्यक्रम से उत्तीर्ण हुई है और अब दूसरे केंद्रों की सहायक संस्था बनेगी।

 

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