त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर हुआ सेमिनार। ठा0 हर नारायण सिंह डिग्री काॅलेज, करैलाबाग, प्रयागराज व प्रज्ञा प्रवाह के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया जिसका शीर्षक ‘‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता का शिक्षा, समाज और राजनीति पर प्रभाव’’ था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता देवेन्द्र सिंह चन्देल (प्रबन्धक), डाॅ0 उदय प्रताप सिंह (निदेशक), इं0 विनय प्रताप सिंह (उपनिदेशक), गोविन्द बिहारी मिश्रा (समिति के अध्यक्ष)।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो0 योगेन्द्र प्रताप सिंह (निदेशक-पं0 गोविन्द वल्लभ पन्त सामाजिक विज्ञान शोध संस्थान, झूसी, प्रयागराज) ने AI के विषय में शिक्षार्थियों का ज्ञानवर्धन करते हुए बताया कि AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधुनिक समाज को अपने अनुसार संचालित कर रहा है। यदि इसी तरह AI का अनुकरण किया गया तो भविष्य में मानव का सृजनशीलता समाप्त हो जायेगी इसलिए AI का प्रयोग एक मर्यादा में रहकर करना होगा। उन्होंने रामायण के पात्रों सोने का हिरण और रावण के साधुवेश को AI के रूप में प्रस्तुत किया। लक्ष्मण द्वारा खींची गयी रेखा को मर्यादा बताया। गुरु द्रोणाचार्य और एकलव्य का संस्मरण को, AI से जोड़ते हुए बहुत ही रोचक तथ्यों के माध्यम से छात्रों को समझाया।
वहीं प्रो0 विवेक कुमार सिंह अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं अध्यक्ष समाज कार्य विभाग प्रो0 राजेन्द्र सिंह (रज्जू भय्या) विश्वविद्यालय, प्रयागराज ने AI के सकारात्मक व नकारात्मक पहलुओं पर प्रकाश डाला और उन्होंने बताया कि जीवन में ज्ञान वृद्धि हेतु AI आवश्यक तो है परन्तु यदि मानव जीवन AI के अनुसार संचालित होने लगा तो भविष्य में मानव समाज का विनाश निश्चित है।
इस सेमिनार में प्राचार्य सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं छात्र/छात्राएं भी उपस्थित रहे। इस सेमिनार का संचालन डाॅ0 सुभाष चन्द्र (राजनीति विज्ञान विभाग) ने किया।









