देवेंद्र कुमार जैन की रिपोर्ट
जबलपुर। 6 जुलाई 2025 को कटनी, मध्य प्रदेश में हो रहे IREF के चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन को AICCTU (ऐक्टू) फर्जी और अवैध घोषित करता है। इस अवैध सम्मेलन को आयोजित करने वाले IREF के चारों पूर्व पदाधिकारियों, यानि मनोज पांडे, नरसिंह कुमार, कमल उसरी और राजेंद्र पाल को पहले ही फेडरेशन विरोधी आचरण और कार्यकलापों के चलते फेडरेशन (IREF) से निष्कासित किया जा चुका है।
कटनी में किया जा रहा IREF का यह चौथा सम्मेलन निश्चित रूप से रेल कर्मचारियों के आंदोलन और फेडरेशन को कमजोर करने की साज़िश है। ऐसे समय में, जब रेलवे और इसके कर्मचारियों पर केंद्र सरकार द्वारा निजीकरण, ठेकाकरण, आदि का भीषण हमला चल रहा है, जरूरत संघर्ष तेज करने की है, और खासकर हाल में हुए रेल में मान्यता के लिए चुनाव में IREF को कर्मचारियों का शानदार समर्थन मिला, तब फेडरेशन से निष्कासित व्यक्तियों द्वारा आयोजित उपरोक्त कार्यकलाप रेल के लाखों कर्मचारियों के विश्वास के साथ धोखा है।
कॉ. राजीव डिमरी राष्ट्रीय महासचिव, AICCTU ने कहा की हमें पूरा विश्वाश है कि निहित स्वार्थों के लिए कुछ व्यक्तियों द्वारा की जा रही फेडरेशन-तोड़क कार्यवाहियों को परास्त कर, IREF और भी मज़बूत बन कर खड़ा होगा और रेल कर्मचारियों के संघर्ष की झंडाबरदारी करेगा।










