कार्यक्रम का शुभारंभ गरीब महिला के कर कमलों द्वारा दीप प्रचलित कराकर शुभारंभ हुआ।
मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा की रिपोर्ट
मुरादाबाद। मुरादाबाद में साहित्य, कला और संस्कृति का महाकुंभ, गांधी स्टेडियम में ऐतिहासिक साहित्य महोत्सव का हुआ भव्य आयोजन। गुरुवार को मुरादाबाद का ऐतिहासिक गांधी स्टेडियम साहित्य, कला और सांस्कृतिक चेतना के भव्य संगम का साक्षी बना, जहां ऐतिहासिक साहित्य महोत्सव ‘उदीपा चौपाल’ का शानदार शुभारंभ हुआ। इस महोत्सव ने न सिर्फ मुरादाबाद बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए साहित्यकारों, कलाकारों और विचारकों को एक मंच पर एकत्र कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ एक गरीब महिला के कर कमरों द्वारा दीप प्रज्वलित कराया गया जिस पर इतने बड़े प्रोग्राम में पहली बार ऐसा देखा गया की गरीब महिला के द्वारा दीप प्रज्वलित कराकर एक सराहनीय कदम बढ़ाया गया। यह उन लोगों के लिए इशारा दिया गया जिसमें मैं वाली बात लोगों के दिल में हर वक्त रहती है की हम हम में में इस कार्यक्रम में देखा गया कि सनातन धर्म को जोड़कर देखा गया की एक महिला को आगे बढ़कर दीप प्रज्जित कराकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के पहले दिन बॉलीवुड अभिनेता एवं प्रख्यात साहित्य प्रेमी आशुतोष राणा की ओजस्वी विचारधारा ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उनके सारगर्भित वक्तव्य ने साहित्य के महत्व, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों पर गहरी छाप छोड़ी। उपस्थित साहित्य प्रेमियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया।
इस ऐतिहासिक आयोजन में दिल्ली, लखनऊ, भोपाल, जयपुर सहित अन्य शहरों से आए नामचीन साहित्यकारों, कवियों और कलाकारों ने भी अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान की। कवि गोष्ठी, साहित्यिक संवाद और कला प्रस्तुतियों ने पूरे गांधी स्टेडियम को साहित्यिक ऊर्जा से भर दिया।
महोत्सव की खास बात रही स्कूली बच्चों की अद्भुत प्रस्तुतियां, जिनमें कविता पाठ, नाट्य मंचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल रहे। नन्हे-मुन्ने कलाकारों की प्रतिभा ने दर्शकों का मन मोह लिया और यह संदेश दिया कि साहित्य और कला की मजबूत नींव बचपन से ही रखी जानी चाहिए।
जिसमें आम जनता ने बड़ा आनंद के साथ कार्यक्रम में पहुंचकर शोभा बढ़ाई और काफी संख्याओं में स्टॉल भी लगाए गए हर प्रकार का स्टॉल नजर आ रहा था खूब पब्लिक स्टालों पर खाने-पीने की खरीदारी हो रही थी कई निम्न इंस्टॉल आदि गांधी स्टेडियम में नजर आ रहे हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र-छात्राएं, साहित्य प्रेमी, कलाकार और शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। पूरे दिन गांधी स्टेडियम साहित्यिक चर्चाओं, रचनात्मक संवाद और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया।
आयोजकों ने बताया कि यह साहित्य महोत्सव आने वाले दिनों में मुरादाबाद को राष्ट्रीय स्तर पर साहित्य और संस्कृति के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।










