अवनीत कुमार शर्मा के साथ अलीशा की रिपोर्ट
मुरादाबाद। मुरादाबाद में शबे-बरात पर इबादत और नेकी का पैग़ाम, चने व मसूर की दाल का किया गया वितरण। शबे-बरात के मुबारक मौके पर शहर भर की मस्जिदों और घरों में खास इबादत का माहौल देखने को मिला। इस पाक रात में लोगों ने अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगी और मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआएं कीं। शबे-बरात की रात नमाज़, कुरान-ख़्वानी और दुआओं का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। कब्रिस्तानों में भी लोगों की आवाजाही देखी गई, जहां उन्होंने अपने मरहूम रिश्तेदारों के लिए फातिहा पढ़ी।
इस मौके पर गरीबों और जरूरतमंदों में चने की दाल और मसूर की दाल का वितरण किया गया। कई इलाकों में लोगों ने अपने घरों में पकवान तैयार कर पड़ोसियों और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाए। समाजसेवियों ने बताया कि शबे-बरात पर सदका और खैरात करना बेहद सवाब का काम माना जाता है। बुज़ुर्गों का कहना है कि शबे-बरात रहमत और बरकत की रात होती है, जिसमें की गई दुआएं कबूल होती हैं। युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर इबादत में हिस्सा लिया और समाज में एकता व भाईचारे का संदेश दिया। कुल मिलाकर शबे-बरात का पर्व पूरे अकीदत और सादगी के साथ मनाया गया, जहां इबादत के साथ-साथ इंसानियत और मदद का जज़्बा साफ नजर आया।










