भारी बारिश और बर्फबारी भी नहीं रोक पाई पेंशनरों का सैलाब, चम्बा में गूंजी हकों की आवाज।

भारी बारिश और बर्फबारी भी नहीं रोक पाई पेंशनरों का सैलाब, चम्बा में गूंजी हकों की आवाज।

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अशोक कुमार की रिपोर्ट

 
चम्बा, हिमाचल। भारी बारिश और बर्फबारी भी नहीं रोक पाई पेंशनरों का सैलाब, चम्बा में गूंजी हकों की आवाज। खराब मौसम और भारी बारिश के बावजूद आज चम्बा का ऐतिहासिक चौगान नंबर 2 पेंशनरों के जोश और एकजुटता का गवाह बना। हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति (जिला यूनिट चम्बा) के बैनर तले आयोजित इस विशाल सांकेतिक धरना-प्रदर्शन रैली में 500 से अधिक पेंशनरों ने हुंकार भरी।

14 सूत्रीय मांगों के लिए लामबंद हुए पेंशनर

विभिन्न विभागों, निगमों, बोर्डों, कॉरपोरेट सेक्टर, शहरी निकायों और विश्वविद्यालयों के पेंशनर कल्याण संघों ने एकजुट होकर प्रदेश सरकार के सामने अपनी 14 सूत्रीय मांगें रखीं। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में पेंशनरों की लंबित देनदारियों और वित्तीय लाभों के लिए उचित प्रावधान करने का आग्रह करना था। रैली के पश्चात जिलाधीश चम्बा के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी प्रेषित किया गया।

प्रतिकूल मौसम ने बढ़ाई मुश्किलें, पर कम नहीं हुआ हौसला

आज सुबह से ही चम्बा और आसपास के इलाकों में मौसम खराब था। बसोधन जोत पर बर्फबारी: भट्यात से आ रहे पेंशनरों की बस भारी बर्फबारी के कारण बसोधन जोत पर फंस गई, जिससे उन्हें भारी असुविधा हुई। दुर्गम क्षेत्रों की भागीदारी: सलूणी, भंजराडू, डलहौजी और भरमौर जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों से भी पेंशनर इस रैली में शामिल होने निकले थे, हालांकि खराब मौसम के कारण कई लोग मुख्यालय तक नहीं पहुंच पाए।

प्रमुख संगठनों और दिग्गजों की उपस्थिति

रैली का नेतृत्व वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष (भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ) एवं जिला समन्वयक डॉ. डी.के. सोनी ने किया। प्रदर्शन में पेंशनर कल्याण संघ के लेख राज ठाकुर, सुरिंदर गुप्ता, अशोक कुमार शर्मा (अध्यक्ष, महासंघ चम्बा), वजीर सिंह यादव, और एचआरटीसी सेवानिवृत्त कल्याण मंच के दिवान चंद ठाकुर सहित बिजली बोर्ड, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य और जल शक्ति विभाग के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

“यह रैली केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि पेंशनरों की एकता और अपने अधिकारों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी इतनी बड़ी संख्या में एकत्र होना सरकार को स्पष्ट संदेश है।”  डॉ. डी.के. सोनी, जिला समन्वयक मातृ शक्ति और दूरदराज के क्षेत्रों का सहयोग। होली, भरमौर, तीसा, साच, खजियार और साहू जैसे सुदूर क्षेत्रों से आए पेंशनरों और महिला विंग की सदस्यों ने रैली को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संघर्ष समिति ने उन सभी पेंशनर बंधुओं का आभार व्यक्त किया जिन्होंने तन, मन और धन से इस आयोजन को सफल बनाया।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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