त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। भूमिहीन खेतिहर मजदूरों में भूमि आवंटन को लेकर प्रदर्शन कल। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के तत्वावधान में भूमिहीन खेतिहर मजदूरों में भूमि आवंटन हेतु यमुनापार की तहसील बारा स्थित सैकड़ो गांवों के लोग ग्रामसमज की जमीन भूमिहीनों से मुक्त करवाकर भूमिहीनों में आवंटित किए जाने के बाबत कार्यालय उप जिलाधिकारी बारा के समक्ष धरना प्रदर्शन व अनशन रखा गया है।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिला महामंत्री ने बताया कि जैसा कि आप सब जानते हैं कि देश की आजादी के 78 साल बाद और भारतीय संविधान लागू होने के 76 साल बाद एक ओर जहां संविधान के अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता व छुआछूतमुक्त भारत देश के साथ संविधान के अनुच्छेद 15 जातिविहीन भारत देश का निर्माण व संविधान के अनुच्छेद 39 (ख) जमीन और उद्योगों के राष्ट्रीयकरण के साथ-साथ संविधान के अनुच्छेद 13 रूढ़िवादी प्रथा को समाप्त कर वैज्ञानिकता पर आधारित समाज निर्माण करना है। केन्द्र और राज्य की सरकारे अपने सत्ता के दौरान संविधान के अनुच्छेद-13, 15, 17, और 39 ख का शतप्रतिशत अनुपालन कराने में या तो फेल हुई है या उक्त अनुच्छेद में दिए गए प्राविधानों के विरुद्ध कार्य किये गए हैं।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिला महामंत्री उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज के नेतृत्व में यमुनापार की दर्जनों बहुजन बाहुल्य ग्रामसभाओ व भूमिहीनों में भूमि आवंटन हेतु पहले चरण में 03 अक्टूबर से लेकर संविधान दिवस 26 नवम्बर तक संविधान पदयात्रा और दूसरे चरण में 27 नवम्बर से लेकर 26 जनवरी तक गणतंत्र पदयात्रा निकाल कर क्रमशः 06 दिसम्बर को तहसील बारा और 20 दिसम्बर को तहसील करछना के प्रांगण में प्रदर्शन करके भूमिहीनों में भूमि आवंटन के साथ यमुनापार को जिला घोषित करने, अनुसूचित जाति की उप जाति कोल को जनजाति में शामिल करने, विधानसभा बारा और कोरांव को अनुसूचित जनजाति हेतु सुरक्षित करने की मांग की गई थी।
उक्त एक एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिला महामंत्री ने केंद्र और राज्य की सरकारों से मांग की थी कि संविधान के अनुच्छेद 39 ख के तहत सम्पत्ति का बंटवारा होना चाहिए जिसके लिए जमीन और उद्योगो का राष्ट्रीयकरण जरूरी है।
आईपी रामबृज ने महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, महामहिम राज्यपाल सहित माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार बारा और करछना को सौंपा गया था।
मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को भूमिहीनों में भूमि आवंटन हेतु यमुनापार के हजारों भूमिहीनों द्वारा व्यक्तिगत भेजे गए रजिस्टर्ड आवेदन पत्रों पर मुख्यमंत्री के अनु सचिव ने संज्ञान लेकर जिलाधिकारी प्रयागराज को नियमानुसार कार्यवाही करने का निर्देश दिया था किन्तु जिलाधिकारी प्रयागराज के साथ साथ उप जिलाधिकारी बारा और करछना के कान में जूं तक नहीं रेंगा यानि कोई कार्यवाही नहीं की गई।
मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के अनु सचिव के निर्देशों के अनुपालनार्थ हेतु आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के बैनर तले दिनांक 18 अप्रैल 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे से कार्यालय उप जिलाधिकारी बारा के समक्ष प्रदर्शन या अनशन तब तक किया जाता रहेगा जब तक कि तहसील प्रशासन भूमाफियाओं द्वारा कब्जा की गई ग्रामसमाज की भूमि मुक्त करवाकर भूमिहीन खेतिहर मजदूरों में आवंटित नहीं करवा देता क्योंकि गेहूं की फसल की कटाई से प्रत्येक गांव की कब्जा की गई ग्रामसमाज की भूमि खाली है।










