पुरी धाम से आया नील चक्र और त्रैलोक्य मोहिनी ध्वज से सुशोभित होगा भगवान जगन्नाथ का रथ।

पुरी धाम से आया नील चक्र और त्रैलोक्य मोहिनी ध्वज से सुशोभित होगा भगवान जगन्नाथ का रथ।

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रत्न जड़ित आभूषण धारण करेंगे भगवान जगन्नाथ, देवी देवताओं के संग महापुरुषों की झांकियां होगी रथ यात्रा में शामिल

त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट

प्रयागराज। पुरी धाम से आया नील चक्र और त्रैलोक्य मोहिनी ध्वज से सुशोभित होगा भगवान जगन्नाथ का रथ। श्री जगन्नाथ जी महोत्सव समिति ट्रस्ट द्वारा आयोजित होने वाले रथ यात्रा महोत्सव के अंतर्गत आषाढ़ मास के द्वितीय दिवस 16 जुलाई को राजशाही ठाट के साथ भगवान जगन्नाथ जी की रथ यात्रा निकाली जाएगी। रथयात्रा की जानकारी देते हुए रथयात्रा संयोजक राजेश केसरवानी ने बताया कि ट्रस्ट के द्वारा रथ यात्रा महोत्सव की जोरदार तैयारी चल रही है। रथ यात्रा की तैयारी को लेकर भगवान जगन्नाथ जी का 20 फीट ऊंचा और 14 फीट चौड़ा 16 पहियों वाला नंदी घोष रथ जगन्नाथ पुरी धाम से आए त्रैलोक्य मोहिनी ध्वज

और नील चक्र से सुशोभित होगा। जिसमें प्रेम और भक्ति के स्वरूप दो तोते रक्त के शिखर पर और सत्य धर्म न्याय और कर्म के प्रति के रूप में चार श्वेत अश्व रथ के ऊपर बैठे रहेंगे।
भगवान जगन्नाथ भ्राता बलभद्र बहन सुभद्रा जी राजस्थान से रत्न जड़ित पोशाक और मयूर पंख जड़ित स्वर्ण एवं चांदी का मुकुट धारण करेंगे। भगवान जगन्नाथ अपने हाथों में कमल पुष्प, गदा, चक्र, और भ्राता बलभद्र हल धारण करेंगे।

रथ यात्रा में 100 फीट नाग वासुकी नामक रस्सी से भक्तगण रथ को खींचेंगे

रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ जी का राजशाही दरबार , गणेश जी ,वरुण देव, हनुमान जी इंद्रदेव, पांच पांडव, और माता गुडिंचा ,रानी लक्ष्मी बाई, स्वामी विवेकानंद, माता अहिल्याबाई होल्कर सहित दर्जनों महापुरुषों की झांकी शामिल रहेगी। और अयोध्या, वृंदावन के कलाकारों की कलात्मक झांकियां शामिल रहेगी और मृदंग ताल नगाड़ा के संग काशी के कलाकार डमरू वादन पूरे रथ यात्रा के दौरान करते रहेंगे। इसके अलावा राधा कृष्ण, कृष्ण बलराम , राम दरबार, लक्ष्मी नारायण भगवान भोलेनाथ महाकाल एवं महाकाली की झांकी और दर्जनों डीजे बैंड , भगवान जगन्नाथ जी का विजय रथ रथ यात्रा में आगे आगे चलेगी।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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