त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा एवं अनावश्यक जाम से निजात दिलाने हेतु विद्यालयों के प्रबन्धक/प्रधानाचार्यों के साथ जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में संगम सभागार में शुक्रवार को जनपद प्रयागराज के विभिन्न विद्यालयों के प्रबन्धक / प्रधानाचार्य के साथ छात्र-छात्राओं की सुरक्षा एवं अनावश्यक जाम से निजात दिलाने हेतु जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जिलाधिकारी के द्वारा परिवहन विभाग के द्वारा बिना फिटनेस, बिना परमिट एवं बिना सुरक्षा उपकरणों के संचालित स्कूली वाहनों पर की गयी कार्रवाई की जानकारी लिए जाने पर सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी के द्वारा अवगत कराया गया कि स्कूली वाहनों के फिटनेस, परमिट व अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच हेतु 1 से 15 जुलाई 2026 तक “मिशन सेफ फ्यूचर” अभियान चलाया गया, जिसके अन्तर्गत 104 वाहन बिना फिटनेस एवं मानक के अनुरूप संचालित न पाये जाने पर 301 वाहनों का चालान किया गया तथा 38 वाहनों को निरूद्ध किया गया। परिवहन कार्यालय द्वारा फिटनेस समाप्त 324 स्कूली वाहनों को नोटिस प्रेषित की गयी है।
बैठक में 307 फिटनेस समाप्त स्कूली वाहनों की सूची जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपी गयी है, आगामी 15 दिनों में उन वाहनों की फिटनेस कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं। फिटनेस न कराये जाने की स्थिति में स्कूल की मान्यता रद्द किये जाने का अनुरोध किया गया है। जिलाधिकारी ने अभियान को आगे भी चलाये जाने तथा प्रवर्तन की कार्रवाई में और तेजी लाए जाने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने बैठक में स्कूलों के बाहर बच्चो के आने व जाने के समय लगने वाले जाम से निजात दिलाये जाने हेतु अपर जिलाधिकारी नगर, जिला विद्यालय निरीक्षक, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी व एसीपी ट्रैफिक को संयुक्त रूप से जाम से प्रभावित होने वाले स्थानों का भ्रमण कर निरीक्षण करने तथा सम्बंधित स्कूलों के प्रधानाचार्य व प्रबंधकों के साथ बैठक कर इन स्थानों पर लगने वाले जाम से निजात दिलाये जाने की कार्ययोजना बनाये जाने तथा सभी प्रधानाचार्यों एवं प्रबंधकों को कार्ययोजना के अनुसार कार्रवाई किए जाने के कड़े निर्देश दिए है। उन्होंने बैठक में विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया कि बच्चों को वाहन में चढ़ाने एवं उतारने के लिए स्कूल प्लेग्राउण्ड का प्रयोग करें ताकि स्कूल के बाहर अनावश्यक जाम की स्थिति न उत्पन्न होने पाये। वाहनों को निर्धारित पार्किंग एरिया में खड़ा करें।
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों की सुरक्षा सम्बन्धी मामलों की देखभाल हेतु सभी विद्यालयों में गठित होने वाली विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति के बारे में जानकारी लेते हुए सभी प्रबन्धक, प्रधानाचार्य जिनके यहां अभी समिति का गठन नहीं किया गया है, उन्हें शीघ्र समिति का गठन करने तथा समिति की बैठक कराये जाने के निर्देश दिये गये। बैठक में उपस्थित प्रबन्धकों एवं प्रधानाचार्य को स्कूली वाहनों के संचालन व नियमन हेतु उत्तर प्रदेश मोटरयान (छब्बीसवां संशोधन) नियमावली, 2018 के उपबन्धों से अवगत कराया गया व इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि विद्यालय परिसर के भीतर ही बच्चों को सुरक्षित चढ़ाने व उतारने के लिए उपबन्ध किये जायें तथा प्रत्येक दशा में स्कूल के सामने स्थित मार्ग पर बच्चों को उतारना व चढ़ाना प्रतिबन्धित किया जाये। उन्होंने कहा कि विद्यालयी वाहनों के समस्त प्रपत्रों यथा परमिट, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र, बीमा आदि को वैद्य होने के उपरान्त ही वाहनों का उपयोग स्कूली छात्रों के परिवहन हेतु किया जाये। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि अभिभावकों व छात्रों को सड़क सुरक्षा के विषयों के प्रति जागरूक करें।
विद्यालय प्रबंधन यह सुनिश्चित करे कि विद्यालयीय वाहनों में समस्त सुरक्षा उपकरणों यथा पारदर्शी फस्ट एड बॉक्स, सी०सी० कैमरे, वीएलटीडी, स्पीड गवर्नर, खिडकियों में जाली, बच्चों को चढने उतरने के लिए सीढी आदि सही रूप से लगी हो। बच्चों की सुरक्षा हेतु विद्यालयी वाहनों के अनुभवी चालकों व सहायकों की नियुक्ति सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी नगर सत्यम मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट, जिला विद्यालय निरीक्षक, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।









