कौशल, नवाचार और उद्यमिता से ही बनेगा विकसित भारत : प्रो. आर. पी. तिवारी
त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। विश्व युवा कौशल दिवस पर अभाविप सविष्कार का इनोवेशन एंड स्टार्टअप एक्सपोजर कार्यक्रम संपन्न। विश्व युवा कौशल दिवस के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के आयाम सविष्कार, प्रयाग महानगर द्वारा Innovation & Startup Exposure Program का आयोजन Innovation & Incubation Hub MNNIT Foundation (IIHMF), मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNNIT), प्रयागराज में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास, नवाचार, अनुसंधान एवं स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र से परिचित कराना तथा उन्हें आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. आर. पी. तिवारी, निदेशक, IIHMF, प्रयागराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि “आज के युग में कौशल और नवाचार ही युवाओं की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि विद्यार्थी समस्या की पहचान कर उसका समाधान विकसित करने की दिशा में कार्य करें, तो भारत वैश्विक नवाचार का नेतृत्व कर सकता है।”
आमंत्रित वक्ता डॉ. प्रेम प्रकाश सिंह ने भारतीय ज्ञान परम्परा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परम्परा आज भी आधुनिक अनुसंधान और नवाचार के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों को शोध, जिज्ञासा और प्रयोग की संस्कृति विकसित करने का आह्वान किया। साथ ही इंजिनियरिंग और मेडिकल की डिग्री के साथ कौशल के समन्वय के बारे में विद्यार्थियों को समझाया।

डॉ. राम कुमार मिश्रा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), IIHMF, प्रयागराज ने स्टार्टअप इकोसिस्टम, इनक्यूबेशन, उद्यमिता तथा नवाचार के विभिन्न आयामों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचारों को व्यवहारिक परियोजनाओं और सफल स्टार्टअप में परिवर्तित करने के लिए उपलब्ध अवसरों एवं सरकारी योजनाओं से अवगत कराया। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने IIHMF की विभिन्न प्रयोगशालाओं, नवाचार सुविधाओं तथा इनक्यूबेशन सेंटर का अवलोकन किया और स्टार्टअप विकास की प्रक्रिया को निकट से समझा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से संवाद कर अपने प्रश्नों का समाधान भी प्राप्त किया।
सविष्कार प्रांत संयोजक ज्ञान प्रकाश ने कहा कि, “सविष्कार का संकल्प है प्रत्येक परिसर बने नवाचार का केंद्र, प्रत्येक विद्यार्थी बने शोध का वाहक और प्रत्येक युवा बने विकसित भारत का निर्माता। भारतीय ज्ञान परम्परा की समृद्ध विरासत, वैज्ञानिक चिंतन और आधुनिक नवाचार के समन्वय से ही भारत आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर होगा। युवा केवल भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान के परिवर्तन के वाहक हैं।”
साथ ही मुख्य अतिथि प्रो. आर. पी. तिवारी, आमंत्रित वक्ता डॉ. प्रेम प्रकाश सिंह एवं डॉ. राम कुमार मिश्रा, Innovation & Incubation Hub MNNIT Foundation (IIHMF), सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा आयोजन में सहयोग करने वाले सभी कार्यकर्ताओं के प्रति हार्दिक आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से नवाचार एवं कौशल विकास की इस यात्रा से निरंतर जुड़े रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन अमन शुक्ला ने किया। इस अवसर पर आदित्य यादव नीहारिका, दीपक मिश्रा, सुधाकर पाण्डे समेत विद्यार्थी, शिक्षक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।










