अटेवा प्रयागराज ने डायट से सुभाष चौराहा तक निकाली विशाल पेंशन तिरंगा यात्रा
त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। पेंशन तिरंगा यात्रा में गूंजा पुरानी पेंशन बहाली का संकल्प। अटेवा पेंशन बहाली मंच, उत्तर प्रदेश के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर शुक्रवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर आयोजित पेंशन तिरंगा यात्रा के क्रम में अटेवा प्रयागराज द्वारा डायट प्रयागराज से सुभाष चौराहा तक विशाल पेंशन तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। इस दौरान पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में जोरदार नारे लगाए गए और पेंशन बहाली के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए जिलाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार ने कहा कि पुरानी पेंशन सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का अधिकार है। सरकार को कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करनी चाहिए।
यात्रा से पूर्व आयोजित सभा को संबोधित करते हुए अटेवा के प्रदेश संगठन मंत्री अशोक कनौजिया ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली और निजीकरण के खिलाफ चल रही लड़ाई में सफलता तभी मिलेगी, जब सभी शिक्षक और कर्मचारी संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने कहा कि पेंशन कर्मचारियों के बुढ़ापे की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। प्रदेश आईटी सेल के दानिश इमरान एवं संजय पटेल ने टेट परीक्षा की अनिवार्यता को शिक्षक हित के विपरीत बताते हुए इस पर पुनर्विचार की मांग की।
अटेवा प्रयागराज के मीडिया प्रभारी एवं कर्मचारी नेता रविशंकर मिश्र ने कहा कि यदि सरकार समानता और सामाजिक न्याय की बात करती है तो सांसदों एवं विधायकों की पेंशन व्यवस्था पर भी पुनर्विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक कोई नियमित सरकारी नौकरी नहीं करते, फिर उन्हें और उनके परिवार को पेंशन की सुविधा क्यों दी जाए? उन्होंने मांग की कि सांसदों एवं विधायकों को मिलने वाली पेंशन एवं परिवार पेंशन की व्यवस्था समाप्त की जाए और देश के उन शिक्षक-कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का अधिकार दिया जाए, जिन्होंने अपनी पूरी सेवा अवधि सरकार की सेवा में बिताई है। उन्होंने कहा कि एक देश में दो अलग-अलग पेंशन व्यवस्था नहीं होनी चाहिए—जो व्यवस्था कर्मचारियों के लिए उचित है, वही जनप्रतिनिधियों के लिए भी होनी चाहिए।
जिला महामंत्री आर.के. यादव, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष नीलम सिंह एवं अंजना सिंह ने आगामी 25 सितंबर को लखनऊ में आयोजित अटेवा की रैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की।
पेंशन तिरंगा यात्रा को विभिन्न कर्मचारी एवं शिक्षक संगठनों ने नैतिक समर्थन दिया। इनमें टीचर्स सेल्फ केयर टीम (TSCT), उत्तर प्रदेश, विशिष्ट बी.टी.सी. शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश, प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन (PSPSA), उत्तर प्रदेश, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ—एकजुट, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ, बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश, उत्तर प्रदेशीय प्रारम्भिक शिक्षक समिति, उत्तर प्रदेश, अनुसचिवीय अधिष्ठान संघ, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ, राजकीय नर्सेस संघ, उत्तर प्रदेश, नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन, एसजीपीजीआईएमएस, लखनऊ, डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नर्सेज संघ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ, उत्तर प्रदेशीय मिनिस्ट्रीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश तथा पी.डब्ल्यू.डी. नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश आदि प्रमुख रहे।

यात्रा में प्रमुख रूप से उपेंद्र वर्मा, फूलचंद यादव, धर्मराज यादव, राम अचल पाल, संजीत कुमार, संदीप कुशवाहा, संतोष कुमार गुप्ता, गुलाब,जय प्रकाश, अशोक, सुरेंद्र कुमार पाण्डेय, सुरेश, सुरेन्द्र प्रताप, देवराज, कमल सिंह, पुष्पराज, सचिन रावत, रविन्द्र कुमार, कमल उसरी, वासिम, पुष्प लता, अंजुला दास, प्रभा देवी, मधू वर्मा, अनुपम सिंह, धर्मेंद्र सिंह, आशीष गुप्ता, देवी प्रसाद, अंजली अत्रि सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल रहे।
अटेवा पदाधिकारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक शिक्षकों एवं कर्मचारियों को उनका सामाजिक सुरक्षा का अधिकार नहीं मिल जाता।










